भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षकों की पात्रता परीक्षा और संभावित छंटनी की तैयारी को लेकर शिक्षकों में...
भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षकों की पात्रता परीक्षा और संभावित छंटनी की तैयारी को लेकर शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के बाद 1995 के बाद चयनित करीब साढ़े चार लाख से अधिक शिक्षकों और उनके परिवारों में सरकार के फैसले को लेकर असंतोष देखने को मिल रहा है।
फिर से परीक्षा देना अनुचित
दरअसल, विभाग ने शिक्षकों की पात्रता जांच के लिए परीक्षा आयोजित करने की तैयारी शुरू की है। इस निर्णय को लेकर शिक्षक संगठनों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को फिर से परीक्षा देने के लिए बाध्य करना अनुचित है। उनका आरोप है कि सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडरा सकता है।
पुनर्विचार करे सरकार
शिक्षक संगठनों ने इस फैसले का विरोध करते हुए पहले सरकार से पुनर्विचार करने की मांग की है। साथ ही इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू याचिका दायर करने की भी तैयारी की जा रही है। संगठनों का कहना है कि यदि सरकार ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो राज्यभर में आंदोलन तेज किया जाएगा।
संगठन बना रहे हैं रणनीति
इस मुद्दे पर शिक्षकों के विभिन्न संगठन इस महीने जिलावार बैठकों का आयोजन कर रणनीति बना रहे हैं। इन बैठकों में आंदोलन की रूपरेखा तय की जा रही है और शिक्षकों को एकजुट किया जा रहा है। शिक्षक नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो अप्रैल महीने में भोपाल सहित पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। उनका कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को असुरक्षा की स्थिति में डालना उचित नहीं है और सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
पात्रता सुनिश्चित करने नई प्रक्रिया
वहीं, शिक्षा विभाग का कहना है कि पात्रता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है। हालांकि इस मामले में बढ़ते विरोध के बीच सरकार पर निर्णय में बदलाव का दबाव भी बढ़ता जा रहा
यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/india/mp-raghav-chadha-demands-free-incoming-calls-for-prepaid-users/148565