चालू पेराई सत्र 2025-26 में चीनी उत्पादन अब तक 28.33 प्रतिशत बढ़कर 77.90 लाख टन हो गया है।
देश में चीनी के बम्पर उत्पादन का अनुमान
28.33 प्रतिशत बढ़कर 77.90 लाख टन हुआ
नयी दिल्ली।
भारत में चालू पेराई सत्र में इस साल चीनी के उत्पादन में भारी वृद्धि का अनुमान है। चालू पेराई सत्र 2025-26 में चीनी उत्पादन अब तक 28.33 प्रतिशत बढ़कर 77.90 लाख टन हो गया है। चीनी सत्र अक्टूबर से सितंबर तक चलता है।
किसानों के स्वामित्व वाली मिलों का प्रतिनिधित्व करने वाले नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड (एनएफसीएसएफ) के आंकड़ों के अनुसार 15 दिसंबर तक देश की 479 चालू चीनी मिलों ने 77.90 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है, जबकि एक साल पहले 473 मिलों ने 60.70 लाख टन चीनी का उत्पादन किया था।
महासंघ ने एक बयान में कहा कि गन्ना पेराई 25.6 प्रतिशत बढ़कर 900.75 लाख टन हो गई है। देश के सबसे बड़े चीनी उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में चीनी उत्पादन 16.80 लाख टन से बढ़कर 31.30 लाख टन हो गया है, जबकि उत्तर प्रदेश में उत्पादन 22.95 लाख टन से बढ़कर 25.05 लाख टन पर पहुंच गया है। कर्नाटक में 15 दिसंबर तक चीनी उत्पादन सालाना आधार पर 13.50 लाख टन से बढ़कर 15.50 लाख टन हो गया है।
न्यूनतम विक्रय मूल्य बढ़ाने की मांग
इस बीच सहकारी चीनी मिलों के महासंघ ने सरकार से न्यूनतम विक्रय मूल्य बढ़ाने की मांग की है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि बाजार भाव में गिरावट और लागत में वृद्धि के कारण किसानों को होने वाले भुगतान पर खतरा मंडरा रहा है।महासंघ ने सरकार से न्यूनतम विक्रय मूल्य बढ़ाकर 41 रुपये प्रति किलोग्राम करने और एथनॉल उत्पादन के लिए अतिरिक्त पांच लाख टन चीनी भेजने की अनुमति देने की मांग की है। इससे चीनी मिलों को लगभग 20 अरब रुपये की अतिरिक्त आय हो सकती है। महासंघ ने चालू सत्र के लिए 15 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति देने के सरकार के फैसले का स्वागत किया, लेकिन कहा कि केवल इससे मिलों के सामने मौजूद नकदी संकट का समाधान नहीं होगा।
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