जीएसटी कटौती से बीमा प्रीमियम में 12 फीसदी की वृद्धि दर्ज
इसमें नए व्यवसाय का प्रीमियम सालाना आधार पर 12.1 फीसदी बढ़कर अक्तूबर, 2025 में 34,007 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। याद रहे कि जीएसटी कौंसिल की हाल में हुई बैठक में व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर 18 प्रतिशत की जीएसटी दर को पूरी तरह हटा दिया गया है।
जीवन बीमा परिषद द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, बीमा व्यवसाय में अगस्त, 2025 में आई 5.2 फीसदी की गिरावट मुकाबले ये एक उल्लेखनीय ग्रोथ का इंडिकेटर है। यह वृद्धि मुख्य रूप से व्यक्तिगत गैर एकल प्रीमियम पॉलिसियों की संख्या में आये उछाल के कारण हुई। आंकड़ों के मुताबिक, व्यक्तिगत जीवन बीमा उत्पादों पर जीएसटी में हालिया कमी ने बीमा कंपनियों की ओवरआल ग्रोथ की गति को बनाए रखने में मदद की है। यह वृद्धि सभी क्षेत्रों में है। सरकारी कंपनी एलआईसी ने अपनी नंबर एक की स्थिति बनाए रखी है। निजी बीमा कंपनियों ने भी दोहरे अंकों में वृद्धि हासिल की है। व्यक्तिगत गैर एकल पॉलिसियों से प्रीमियम में भी वृद्धि हुई। मध्यम अवधि में उम्मीद है कि उद्योग सहायक नियमों, नवीन उत्पादों की पेशकश और मजबूत डिजिटल वितरण नेटवर्क से सकारात्मक तेजी को बनाए रखेगा।
"केयरएज रेटिंग्स" ने मंगलवार को लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल और इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि ये अगस्त, 2025 में हुई 5.2 प्रतिशत की गिरावट से शानदार सुधार दर्शाता है। ये ग्रोथ मुख्य रूप से इंडिविजुअल सेगमेंट, खासतौर से नॉन-सिंगल प्रीमियम पॉलिसी में मजबूत प्रदर्शन के कारण हुई, जो आवर्ती उत्पादों की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
"केयरएज" रेटिंग्स के सीनियर डायरेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा, ‘‘भारत की लाइफ इंश्योरेंस इंडस्ट्री ने अक्टूबर, 2025 में एक मजबूत उछाल दर्ज किया है। व्यक्तिगत जीवन एवं स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी में हालिया कटौती ने बिक्री को समय पर बढ़ावा दिया। इस क्षेत्र की अंतर्निहित व्यावसायिक गति दोहरे अंक की वृद्धि पर लौट आई है जो मांग में सुधार का संकेत है।’’ अग्रवाल ने कहा, ‘‘मध्यम अवधि में केयरएज को उम्मीद है कि उद्योग सहायक नियमों, नए उत्पादों की पेशकश और डिजिटल सहित मजबूत वितरण नेटवर्क के माध्यम से इस सकारात्मक इडीकेटर को बनाए रखेगा।’’
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