सोशल मीडिया का असर: नई रिपोर्ट में खुलासा, बच्चों की ध्यान देने की क्षमता हो रही कम
सोशल मीडिया और बच्चों का दिमाग
नई शोध रिपोर्ट में बताया गया है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म बच्चों के दिमागी विकास को प्रभावित कर रहे हैं। लगातार स्क्रॉलिंग और नोटिफिकेशंस उनकी ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को कमजोर कर रहे हैं।
बढ़ रहा है एडीडी व ADHD जैसा जोखिम
रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया की लत बच्चों में बेचैनी, ध्यान भटकना और अत्यधिक सक्रियता जैसे लक्षण बढ़ा सकती है। आगे चलकर ये लक्षण ADD या ADHD जैसी समस्याओं में बदल सकते हैं।
हर उम्र के जीवन में सोशल मीडिया की दखल
इंटरनेट और स्मार्टफोन आने के बाद सोशल मीडिया हर उम्र की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। स्कूल और कॉलेज के छात्र भी इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
एल्गोरिदम बच्चों को बनाए रखता है सक्रिय
सोशल मीडिया एप्स इस तरह बनाए गए हैं कि यूजर बार-बार ऐप खोलने के लिए प्रेरित होता है। बच्चे इस आदत में जल्दी फंस जाते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई और अन्य जरूरी कामों पर ध्यान कम हो जाता है।
डिजिटल आदतें क्यों हैं नुकसानदायक
रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्यादा स्क्रीन टाइम, तेज़ बदलते वीडियो, और लगातार मिलते नोटिफिकेशंस बच्चों के ब्रेन डेवलपमेंट को धीमा कर सकते हैं। इससे
- ध्यान कम होता है
- दिमाग जल्दी थकता है
- नींद पर असर पड़ता है
- व्यवहार में चिड़चिड़ापन आता है
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