मध्यप्रदेश: डिप्टी CM के पूर्व PA से जुड़ी साजिश का खुलासा, वायरल ऑडियो पर महिला ने तोड़ी चुप्पी
रीवा : पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया गलियारों में एक कथित वायरल ऑडियो को लेकर भारी बवाल मचा हुआ है। इस ऑडियो के जरिए मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के पीए (निजी सहायक) राजीव तिवारी पर कई गंभीर और आपत्तिजनक आरोप लगाए जा रहे थे। इस पूरे मामले ने तब एक नया मोड़ ले लिया जब पीड़िता ने खुद सामने आकर इस पूरे घमासान प्लांट खबर का खंडन किया और इसके पीछे छिपी एक गहरी साजिश का पर्दाफाश किया। महिला ने मीडिया के सामने आकर न केवल सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया, बल्कि कुछ तथाकथित पत्रकारों और तीसरे व्यक्ति पर उन्हें गुमराह करने और धोखा देने का भी आरोप लगाया।
‘राजीव तिवारी मेरे बड़े भाई समान, 10 साल पुराना पारिवारिक रिश्ता" महिला ने सबसे पहले इस बात को साफ किया कि उनके और राजीव तिवारी के बीच किसी भी प्रकार का कोई गलत संबंध या विवाद नहीं है। उन्होंने कहा: जो राजीव तिवारी हैं, वे मेरे बड़े भाई के समान हैं। उनकी उम्र का भी लिहाज किया जाना चाहिए। हम दोनों एक-दूसरे को पिछले 10 वर्षों से जानते हैं। हमारे बीच भाई-बहन का एक पवित्र और गहरा रिश्ता है।‘
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि कुछ समय पहले उनके और राजीव तिवारी के बीच मामूली अनबन हुई थी, जिसका फायदा किसी तीसरे व्यक्ति ने उठाया। इसी अनबन के चलते उन्होंने गुस्से और गलतफहमी में आकर एक शिकायत दर्ज करा दी थी, जिसे अब वह पूरी तरह वापस ले रही हैं।
होटल की घटना और पुलिस प्रताड़ना के आरोपों पर बड़ा यू-टर्न
वायरल ऑडियो में दावा किया जा रहा था कि रीवा पुलिस द्वारा महिला को प्रताड़ित किया गया है और होटल में उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ था। जब पत्रकार ने इस संबंध में सवाल पूछा, तो महिला ने कहा: ऐसा कुछ भी नहीं है। इसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। मैं खुद पिछले 10 सालों से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से जुड़ी हुई हूँ। पुलिस मुझे अच्छी तरह से जानती है। रीवा पुलिस ने मेरे साथ किसी भी तरह की कोई प्रताड़ना नहीं की है।"
होटल में गलत तरीके से छूने के आरोपों को भी उन्होंने पूरी तरह बकवास करार दिया। उन्होंने कहा कि उनके और उनके भाई के बीच की बातचीत को गलत तरीके से पेश किया गया है।
बहन बनकर की बात, फिर पत्रकार बनकर ऑडियो कर दिया वायरल
इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया जब महिला ने एक महिला पत्रकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। महिला ने आरोप लगाया कि उक्त पत्रकार ने उनके साथ धोखाधड़ी की है। महिला के अनुसार, उस कथित पत्रकार ने अपनी वास्तविक पहचान छुपाकर, उनकी एक कजिन सिस्टर (चचेरी/ममेरी बहन) का नाम लेकर उनसे बात की थी।
भरोसे का गलत फायदा
बहन समझकर महिला ने उससे अपने दिल की बातें और अनबन का जिक्र किया, जिसे गुप्त रूप से रिकॉर्ड कर लिया गया। मना करने के बावजूद किया वायरल: महिला ने दावा किया कि उन्होंने उस पत्रकार से करीब 100 बार मिन्नतें की थीं कि इस ऑडियो को कहीं भी न चलाया जाए, लेकिन उनके मना करने के बावजूद इसे सनसनी बनाने के लिए वायरल कर दिया गया।
छवि धूमिल करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
महिला ने भावुक और आक्रोशित होते हुए कहा कि इस झूठी ऑडियो के कारण समाज में उनकी और उनके भाई (राजीव तिवारी) दोनों की छवि को भारी नुकसान पहुँचा है। उन्होंने हाथ जोड़कर अपील की है कि इस ऑडियो और वीडियो को तुरंत बंद किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि जिस भी व्यक्ति और चैनल ने उनकी मर्जी के खिलाफ और धोखा देकर इस ऑडियो को प्रसारित किया है, वह उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगी और कानूनी रास्ता अख्तियार करेंगी।
यह मामला दिखाता है कि कैसे निजी अनबन का फायदा उठाकर कुछ तत्व राजनीतिक और सनसनीखेज लाभ उठाने की कोशिश करते हैं। महिला के इस बयान के बाद अब उन लोगों पर कानूनी शिकंजा कसना तय माना जा रहा है, जिन्होंने पत्रकारिता की मर्यादा को ताक पर रखकर इस फर्जी विवाद को हवा दी थी।