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प्रीपेड उपभोक्ताओं पर असर की जांच

भारती एयरटेल प्रायोरिटी पोस्टपेड प्लान पेश कर आयी ट्राई के निशाने पर

ट्राई (TRAI) को यह चिंता है कि यदि पोस्टपेड ग्राहकों को इंटरनेट और नेटवर्क स्पीड में प्राथमिकता दी जाती है, तो करोड़ों प्रीपेड उपयोगकर्ताओं की इंटरनेट गुणवत्ता और अनुभव प्रभावित हो सकता है।

भारती एयरटेल प्रायोरिटी पोस्टपेड प्लान पेश कर आयी ट्राई के निशाने पर

मुंबई। देश की अग्रणी मोबाइल कंपनी "भारती एयरटेल" पोस्टपेड ग्राहकों के लिए विशेष प्लान पेश कर "टेलीकाम रेगुलरिटी अथारिटी" (ट्राई) के निशाने पर आ गयी है। एयरटेल ने पिछले सप्ताह पोस्टपेड ग्राहकों के लिए विशेष प्रायरिटी प्लान लांच किया था। इस प्लान में इंटरनेट की तेज 5जी स्पीड का दावा किया गया है। कंपनी ने अपने सभी पोस्टपेड ग्राहकों को इस 'प्रायोरिटी प्लान' में अपग्रेड कर दिया गया था।

'प्रायोरिटी पोस्टपेड' की जांच

एयरटेल की इस सर्विस में 'नेटवर्क स्लाइसिंग' (Network Slicing) तकनीक के माध्यम से पोस्टपेड ग्राहकों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी बेहतरीन और स्थिर 5G नेटवर्क प्रदान करने का दावा किया गया है। लेकिन प्रतिद्वंद्वी कंपनियों की शिकायत के बाद भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) भारती एयरटेल की 'प्रायोरिटी पोस्टपेड' (Priority Postpaid) सेवा की जांच कर रहा है।

नई सेवा नेट न्यूट्रैलिटी की भी जांच

सरकार और नियामक संस्था इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या यह नई सेवा नेट न्यूट्रैलिटी (Net Neutrality) के नियमों का उल्लंघन करती है या नहीं। "ट्राई" (TRAI) को यह चिंता है कि यदि पोस्टपेड ग्राहकों को इंटरनेट और नेटवर्क स्पीड में प्राथमिकता दी जाती है, तो करोड़ों प्रीपेड उपयोगकर्ताओं की इंटरनेट गुणवत्ता और अनुभव प्रभावित हो सकता है। दूरसंचार विभाग के अधिकारी इस बात की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं कि प्रीमियम और सामान्य (प्रीपेड) उपभोक्ताओं के बीच नेटवर्क के स्तर पर कोई अनुचित भेदभाव या वर्ग-विभाजन (Class Divide) की स्थिति तो नहीं है।

"भारती एयरटेल" ने ट्राई के समक्ष यह तर्क दिया है कि इस सेवा से उसके प्रीपेड ग्राहकों के अनुभव में कोई रुकावट या गिरावट नहीं आई है। "भारती एयरटेल" ने दूरसंचार विभाग के समक्ष अपनी प्रायोरिटी पोस्टपेड सर्विस प्लान का बचाव किया है। कंपनी ने दूरसंचार विभाग (DoT) और TRAI के सामने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि यह तकनीक केवल एक एडवांस 5G अपग्रेड है, जिसका उद्देश्य नेटवर्क को ज्यादा स्थिर बनाना है। एयरटेल का दावा है कि इससे किसी भी एप्लीकेशन या कंटेंट को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है और इससे प्रीपेड ग्राहकों के अनुभव पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

कंपनी ने की लाइव डेटा शेयर करने की पेशकश

कंपनी पर आरोप लगे थे कि वह 'नेट न्यूट्रैलिटी' के नियमों का उल्लंघन कर रही है। इसके जवाब में कंपनी ने कहा कि यह सेवा दूरसंचार नियामक और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पूरी तरह से पालन करती है। सुनील मित्तल के प्रवर्तित इस कंपनी ने अधिकारियों के साथ अपने नेटवर्क का लाइव डेटा शेयर करने और सेवा की गुणवत्ता से जुड़े मानकों के प्रति जवाबदेह रहने की भी पेशकश की है।

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