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कुछ हफ़्तों-महीनों में डील पर साइन होने की उम्मीद

US-भारत ट्रेड डील पर साइन होने को लेकर सर्जियो गोर ने दिए पॉज़िटिव संकेत

सर्जियो गोर ने कहा कि व्यापारिक संबंध तेजी बड़े निगमों के साथ-साथ स्टार्ट-अप और उद्यमियों के लिए भी नए अवसर पैदा कर रही है।

us-भारत ट्रेड डील पर साइन होने को लेकर सर्जियो गोर ने दिए पॉज़िटिव संकेत

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर |

नई दिल्ल: भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में US-भारत ट्रेड डील पर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगले कुछ हफ़्तों और महीनों में इस डील पर साइन होने की उम्मीद है। पिछले दो दशकों में, द्विपक्षीय व्यापार 20 अरब से बढ़कर 220 अरब डॉलर से अधिक हो गया है, जो दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक एकीकरण को दिखाता है। गोर ने बताया कि अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक रिश्ते में वृद्धि इनोवेशन और स्टार्ट-अप्स के कारण हो रही है। डिजिटल व्यापार, ऊर्जा, और उभरती टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी न केवल बड़े निगमों के लिए, बल्कि छोटे उद्यमियों के लिए भी नए अवसर पैदा कर रही है। हाल ही में, भारत ने ट्रेड डील के अंतिम चरण को फाइनल करने के लिए एक टीम भेजी थी, और अगले हफ्ते एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की बातचीत भी होगी। यह सब मिलकर दोनों देशों के लिए समृद्धि के नए दरवाज़े खोलने की संभावना को बढ़ा रहा है।

भारत और अमेरिका के बीच तेजी से विकसित हो रहे व्यापारिक संबंध

आज, भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध तेजी से विकसित हो रहे हैं। यह वृद्धि न केवल बड़े निगमों के लिए, बल्कि स्टार्ट-अप और उद्यमियों के लिए भी नए अवसर पैदा कर रही है। डिजिटल व्यापार, आधुनिक मैन्युफ़ैक्चरिंग, और उभरती टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ रहा है। अहम खनिजों के क्षेत्र में, भारत का 'नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन' एक महत्वपूर्ण कदम है। यह मिशन न केवल ऊर्जा प्रणालियों को सक्षम बनाता है, बल्कि रक्षा टेक्नोलॉजी के लिए भी आवश्यक है।

रिसर्च के क्षेत्र में और गहराई से सहयोग करने की जरूरत- सर्जियो गोर

IIT रुड़की द्वारा हाल ही में आयोजित वैज्ञानिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों ने शोधकर्ताओं को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। यह न केवल हमारे शोधकर्ताओं के लिए, बल्कि दोनों देशों के छात्रों के लिए भी एक सुनहरा अवसर है। हम भविष्य की तकनीकी प्रगति का नेतृत्व करने वाली अगली पीढ़ी को तैयार कर रहे हैं। अमेरिका और भारत के बीच की साझेदारी अब अपने पूरे महत्व को समझने लगी है। हमें रिसर्च के क्षेत्र में और गहराई से सहयोग करने की आवश्यकता है। IIT दिल्ली जैसे संस्थानों में हो रहे कार्य हमारे साझा लक्ष्यों की नींव हैं। हमें अधिक संयुक्त रिसर्च परियोजनाओं, शिक्षकों और स्नातक छात्रों की आवश्यकता है, जो हमारे दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान कर सकें। इसके साथ ही, हमें व्यावसायीकरण के लिए तेज़ गति वाले मार्गों की भी आवश्यकता है। यह एक परिवर्तनकारी आर्थिक रिश्ते की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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