अमेरिका-ईरान तनाव के बावजूद BPCL ने Q4 FY26 में शानदार प्रदर्शन कर मुनाफा बढ़ाया, HPCL ने भी लाभ में उछाल दिखाया।
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र की Bharat Petroleum Corporation Limited (बीपीसीएल) ने वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही (Q4 FY26) में शानदार प्रदर्शन किया है। इससे पहले Hindustan Petroleum Corporation Limited (एचपीसीएल) ने भी अपने मुनाफे में बढ़ोतरी की जानकारी दी थी।
स्टैंडअलोन मुनाफा स्थिर रहा
सरकारी स्वामित्व वाली बीपीसीएल का शुद्ध लाभ 2025-26 की मार्च तिमाही में 3,191.49 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर रहा। स्टैंडअलोन आधार पर, अपस्ट्रीम संपत्तियों में ₹4,349 करोड़ का घाटा होने के बावजूद कंपनी ने अपना लाभ स्तर बनाए रखा। कंपनी का कहना है कि तेल खोज एवं उत्पादन संपत्तियों के मूल्य में गिरावट का असर मुनाफे पर पड़ा। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में उसे 3,214.06 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। वहीं दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी का लाभ 7,545.27 करोड़ रुपये रहा था।
रिफाइनरी क्षमता उपयोग 118% पहुंचा
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी की रिफाइनरी क्षमता का उपयोग 118% रहा, जबकि घरेलू बाजार में बिक्री में 3.28% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई।
"मनी कंट्रोल" के अनुसार मार्च 2026 में कंपनी की शुद्ध बिक्री ₹1,18,700.88 करोड़ रही, जो मार्च 2025 के ₹1,11,230.21 करोड़ की तुलना में 6.72% अधिक है। तिमाही शुद्ध लाभ मार्च 2026 में ₹5,624.54 करोड़ रहा, जो मार्च 2025 के ₹4,391.83 करोड़ से 28.07% ज्यादा है। वहीं EBITDA बढ़कर ₹11,027.07 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले वर्ष के ₹8,541.09 करोड़ से 29.11% अधिक है।
EPS में भी हुआ इजाफा
बीपीसीएल का EPS मार्च 2026 में बढ़कर ₹13.16 हो गया, जबकि मार्च 2025 में यह ₹10.28 था। बीपीसीएल के शेयर 18 मई 2026 को NSE पर ₹286.45 पर बंद हुए। हालांकि पिछले 6 महीनों में शेयर में 21.66% की गिरावट दर्ज की गई है। समेकित आधार पर कंपनी का शुद्ध लाभ 28.07% बढ़कर ₹5,624.54 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹4,391.83 करोड़ था। Q4 FY26 में कंपनी का समेकित परिचालन राजस्व 6.33% बढ़कर ₹1,34,947.90 करोड़ पहुंच गया। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में बीपीसीएल का समेकित शुद्ध लाभ लगभग 94% उछलकर ₹25,843.45 करोड़ तक पहुंच गया।
रूस से सस्ते तेल खरीद का मिला फायदा
कंपनी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के असर को उसने रूस से सस्ते कच्चे तेल की खरीद के जरिए संतुलित किया। कंपनी ने चौथी तिमाही में रूस से 31% अधिक कच्चा तेल खरीदा और लगभग 11.74 डॉलर प्रति बैरल की अनुमानित लागत से तेल शोधन कर बेहतर मुनाफा कमाने में सफलता हासिल की।
यह भी पढ़े: होंडा बनी देश की टॉप दोपहिया कंपनी, हीरो पीछे