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GST कलेक्शन में बंपर उछाल

मई में सरकार की झोली में आए ₹1.94 लाख करोड़, सालाना आधार पर 3.2% की बढ़ोतरी

देश के आर्थिक मोर्चे से एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आ रही है। मई 2026 में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन का शानदार सफर जारी रहा।

मई में सरकार की झोली में आए ₹194 लाख करोड़ सालाना आधार पर 32 की बढ़ोतरी

GST Collection Rises to ₹1.94 Lakh Crore in May 2026 |

नई दिल्ली। देश के आर्थिक मोर्चे से एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आ रही है। मई 2026 में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन का शानदार सफर जारी रहा। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने कुल ग्रॉस जीएसटी रेवेन्यू सालाना आधार पर 3.2 फीसदी बढ़कर ₹1,94,184 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल यानी मई 2025 में यह आंकड़ा ₹1,88,172 करोड़ था। डिजिटल मीडिया पर टैक्स कलेक्शन की इस रफ्तार को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद मजबूत संकेत माना जा रहा है।

चालू वित्त वर्ष में रिकॉर्ड तोड़ कमाई

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा वित्त वर्ष में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन का कुल आंकड़ा ₹4,36,887 करोड़ तक पहुंच गया है। इसमें पिछले साल की समान अवधि (₹4,11,437 करोड़) के मुकाबले 6.2 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगर सिर्फ मई 2026 के नेट जीएसटी रेवेन्यू की बात करें, तो यह ₹1,66,904 करोड़ रहा। यह पिछले साल के ₹1,61,585 करोड़ के मुकाबले 3.3 फीसदी ज्यादा है।

विदेशी सामान के आयात से बंपर टैक्स

इस बार सरकारी खजाने को भरने में इंपोर्ट (आयात) का बहुत बड़ा योगदान रहा है। मई 2026 में ग्रॉस इंपोर्ट रेवेन्यू 19.1 प्रतिशत की छलांग लगाकर ₹59,654 करोड़ पर पहुंच गया, जो मई 2025 में ₹50,070 करोड़ था। इसके साथ ही जीएसटी से मिलने वाला नेट कस्टम रेवेन्यू भी 19.7 फीसदी उछलकर ₹49,403 करोड़ दर्ज किया गया। पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 41,276 करोड़ रुपये था।

घरेलू मोर्चे पर मामूली गिरावट

एक तरफ जहां विदेशी मोर्चे से टैक्स बढ़ा है, वहीं दूसरी तरफ घरेलू स्तर पर मामूली सुस्ती देखी गई है। मई 2026 में घरेलू ग्रॉस रेवेन्यू 2.6 प्रतिशत घटकर ₹1,34,530 करोड़ रह गया जो पिछले साल मई में ₹1,38,102 करोड़ था। इस घरेलू कलेक्शन के गणित को समझें तो इसमें सेंट्रल जीएसटी (CGST) का हिस्सा ₹37,397 करोड़ रहा। वहीं स्टेट जीएसटी (SGST) के रूप में ₹45,143 करोड़ और इंटीग्रेटेड जीएसटी (IGST) के जरिए ₹51,990 करोड़ सरकारी खाते में आए हैं।

रिफंड जारी करने में भी आई तेजी

ताजा सरकारी आंकड़ों से यह भी साफ हुआ है कि सरकार ने टैक्सपेयर्स को रिफंड देने में तेजी दिखाई है। इस महीने कुल रिफंड वितरण 2.6 फीसदी बढ़कर ₹27,281 करोड़ पर पहुंच गया। इस कुल रकम में से अकेले घरेलू रिफंड का हिस्सा ₹17,030 करोड़ दर्ज किया गया है।

महाराष्ट्र अव्वल, पर इन राज्यों ने भी चौंकाया

जीएसटी कलेक्शन के मामले में देश के राज्यों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। हर बार की तरह महाराष्ट्र इस बार भी सबसे आगे रहा। हालांकि, वहां की ग्रोथ रेट इस बार स्थिर रही। महाराष्ट्र ने पिछले साल के ₹29,236 करोड़ के मुकाबले इस बार ₹29,141 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके अलावा कर्नाटक में महज एक फीसदी की मामूली बढ़त देखी गई और यह आंकड़ा ₹13,130 करोड़ रहा। गुजरात ने भी एक फीसदी की ग्रोथ के साथ ₹11,206 करोड़ का टैक्स जुटाया।

केंद्र शासित प्रदेशों और छोटे राज्यों का हाल

कुछ छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आंकड़ों ने इस बार सबको चौंका दिया है। दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव में जीएसटी कलेक्शन 38 फीसदी के जोरदार उछाल के साथ ₹483 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके उलट, लक्षद्वीप में टैक्स कलेक्शन में 82 फीसदी की भारी गिरावट आई और यह सिमटकर महज ₹1 करोड़ रह गया। वहीं, सिक्किम का कलेक्शन भी 53 फीसदी लुढ़ककर ₹200 करोड़ पर आ गया है।

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