उन्होंने कहा कि मैं बिल्कुल भी नहीं भाग रहा हूं। मैं पूरी दुनिया घूम रहा हूं। अगर मैं भाग रहा होता, तो आप मुझे कहीं न कहीं पकड़ ही लेते। भारत सरकार की पहुंच बहुत लंबी है... सरकार से पंगा नहीं ले सकते
लंदन ( ब्रिटेन )। भारतीय प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी ने अपने ऊपर लगाए गए 'भगोड़ा' होने के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। उन्कहोंने कहा कि उन पर आज तक किसी भी अपराध का कोई आरोप साबित नहीं हुआ है। एएनआई को दिए एक विशेष साक्षात्कार में ललित मोदी ने इस बात का मज़ाक उड़ाया कि वह भारतीय अधिकारियों से छिप रहे हैं। उन्होंने इस बात को पूरी तरह से मीडिया की सनसनीखेज खबरों का नतीजा बताया, न कि कानूनी सच्चाई का। उन्होंने अपने भागने के दावों को खारिज करते हुए कहा कि दुनिया भर में यात्रा करते हुए भारत जैसी वैश्विक महाशक्ति से बचना असंभव है। उन्होंने कहा कि "मैं बिल्कुल भी नहीं भाग रहा हूं। मैं पूरी दुनिया घूम रहा हूं। अगर मैं भाग रहा होता, तो आप मुझे कहीं न कहीं पकड़ ही लेते। भारत सरकार की पहुंच बहुत लंबी है... आप भारत सरकार से पंगा नहीं ले सकते। और मेरा ऐसा कोई इरादा भी नहीं है। यह सरकार नहीं, बल्कि मीडिया है।"
लागातार होता है मीडिया ट्रायल
ललित मोदी ने भारत में मानहानि कानूनों की कमी को लगातार मीडिया ट्रायल का कारण बताया और कहा, "आपके देश में, हमारे देश में मानहानि का कोई कानून नहीं है। आप जो चाहें कह सकते हैं और मैं खबरें बेचता हूं।" भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की अनुशासनात्मक कार्रवाई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गहन जांच सहित अपने देश में चल रहे जटिल कानूनी मामलों पर बात करते हुए ललित मोदी ने ठोस कानूनी समाधान की कमी की बात कही।
कई तरह के आरोपों से घिरे हैं
2010 में भारत छोड़ने के बाद से उन पर बोली धांधली, मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के उल्लंघन के आरोप हैं, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी आपराधिक आरोप साबित नहीं हुआ है। उन्होंने भारतीय न्याय प्रणाली पर दुख व्यक्त करते हुए इसे अपने आप में एक प्रकार की सजा बताया। "हमारे देश में कभी सुनवाई नहीं होती। न्याय आता है। मुझे नहीं पता कब आता है। धीमी न्याय प्रक्रिया भी एक सजा है। मेरे खिलाफ एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है। अगर मैं इतना बुरा हूं, और हर कोई कहता है कि मैं इतना बुरा हूं, तो ठीक है, कृपया जाइए और मुझ पर मुकदमा चलाइए।"
भारत लौटने की कोई योजना नहीं
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे भारत लौटने की योजना बना रहे हैं, तो कहा कि उनकी प्राथमिकताएं बदल गई हैं। किसी बात को साबित करने की इच्छा अब नहीं रही। "एक समय था जब मैं वापस आना चाहता था। और मेरे पास वापस आने के सभी कारण थे। वापस आकर क्या करूं?... मुझे किसी को कुछ साबित करने की ज़रूरत नहीं है।" उन्होंने संभावित गिरफ्तारी के आधार पर भी सवाल उठाया, "अगर आप मुझे गिरफ्तार करना चाहते हैं, तो आपको मुझे अदालत में ले जाना होगा। 17 साल हो गए आप मुझे अदालत में नहीं ले गए। आप मुझे आज कैसे गिरफ्तार कर सकते हैं? अगर कुछ होता, तो अब तक सामने आ चुका होता।" ललित मोदी द्वारा इन आरोपों को खारिज किए जाने के बावजूद, भारतीय नियामक निकाय उन पर नजर रख रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उनके आईपीएल कार्यकाल के दौरान कथित वित्तीय कदाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और अनधिकृत निधि हस्तांतरण की जांच कर रहा है, जबकि विदेश मंत्रालय (एमईए) भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कानून दोनों के तहत प्रत्यर्पण प्रोटोकॉल का पालन कर रहा है। (एएनआई)
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