भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को कहा कि परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आने वाले समय में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग में बड़ी चीजें होंगी।
नई दिल्ली। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को कहा कि परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आने वाले समय में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग में बड़ी चीजें होंगी। राजदूत गोर ने यह टिप्पणी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के एक सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में की। मुख्यमंत्री फडणवीस ने 'यूएस न्यूक्लियर एग्जीक्यूटिव मिशन टू इंडिया' के तहत 'न्यूक्लियर एनर्जी इंस्टीट्यूट' (एनईआई) और 'यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम' के एक कार्यकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की थी। इसी बैठक के संदर्भ में राजदूत गोर ने कहा, भारत-अमेरिका परमाणु ऊर्जा सहयोग पर आगे बड़ी चीजें होंगी।
महाराष्ट्र को परमाणु ऊर्जा हब बनाने की तैयारी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन की चर्चा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र लंबे समय से सौर और पवन ऊर्जा में निवेश कर रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्बन-मुक्त और औद्योगिक स्तर पर निरंतर बिजली आपूर्ति के लिए परमाणु ऊर्जा अब अनिवार्य हो जाएगी। महाराष्ट्र परमाणु ऊर्जा में अग्रणी बनने के लिए तैयार है। परमाणु क्षेत्र में भारत-अमेरिका सहयोग को नई गति मिल रही है। मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र की आर्थिक स्थिति पर जोर देते हुए बताया कि भारत में आने वाले कुल विदेशी निवेश का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अकेले महाराष्ट्र में आता है। इसके अलावा देश की डेटा सेंटर क्षमता का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा मुंबई और नवी मुंबई के क्षेत्रों में केंद्रित है।
बढ़ती औद्योगिक मांग के लिए परमाणु ऊर्जा जरूरी
उन्होंने कहा कि राज्य में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), लॉजिस्टिक्स और उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) जैसे क्षेत्र बड़े पैमाने पर उभर रहे हैं। इन क्षेत्रों के विस्तार से आने वाले वर्षों में बिजली की मांग में कई गुना वृद्धि होगी। फडणवीस के अनुसार, अगले कुछ दशकों में भारत में बिजली की मांग तेजी से बढ़ेगी और महाराष्ट्र इसका सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए परमाणु ऊर्जा महत्वपूर्ण होगी।
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