नई दिल्ली। देश में अप्रैल 2026 से आरओएन-95 पेट्रोल के साथ 20% एथेनॉल मिश्रित ई-20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर...
अप्रैल से एथेनॉल मिश्रित ई-20 पेट्रोल बेचना अनिवार्य, विशेष परिस्थिति में ही छूट |
नई दिल्ली। देश में अप्रैल 2026 से आरओएन-95 पेट्रोल के साथ 20% एथेनॉल मिश्रित ई-20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर दी जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि विशेष परिस्थितियों में कुछ चुनिंदा क्षेत्रों और सीमित अवधि के लिए इस नियम में छूट दी जा सकती है।
पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में कम प्रदूषण फैलता है।
एथेनॉल गन्ना, मक्का जैसे कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। यह पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में कम प्रदूषण करता है और पर्यावरण के लिए बेहतर माना जाता है। देश में जून 2022 से 10% एथेनॉल मिश्रण (ई-10) वाला पेट्रोल पहले से ही बेचा जा रहा है।
एक्सपर्ट बोले - माइलेज में कमी पर इंजन पर असर नहीं
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के अनुसार, ई-20 पेट्रोल को लेकर लोगों में जो आशंकाएं हैं, वे काफी हद तक भ्रम हैं। इससे वाहन के माइलेज में 3 से 7 प्रतिशत तक कमी आ सकती है, लेकिन इंजन पर कोई गंभीर या तत्काल नुकसान नहीं होता। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित मेंटेनेंस और कंपनी के निर्देशों का पालन करने पर किसी बड़ी तकनीकी समस्या की आशंका नहीं है।
आयात निर्भरता घटाने की दिशा में उठाया गया यह कदम
सरकार का मानना है कि ई-20 पेट्रोल लागू करने से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। साथ ही, यह कदम किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक होगा, क्योंकि एथेनॉल उत्पादन में कृषि उत्पादों का उपयोग होता है।
एलपीजी व पेट्रोल-डीजल का 60 दिन का भंडार, घबराएं नहीं
पेट्रोल-डीजल और एलपीजी को लेकर देश में 60 दिनों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। केंद्र सरकार ने साफ किया है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
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