IPL 2026 के प्लेऑफ से बाहर रहने वाली टीमों के दूसरे कप्तानों पर भी कप्तानी जाने का खतरा मंडराने लगा है। अब वे फ्रेंचाइजियों के रडार पर आ गए हैं।
नई दिल्ली: ऋषभ पंत के कप्तानी छोड़ने के बाद IPL 2026 के प्लेऑफ से बाहर रहने वाली टीमों के दूसरे कप्तानों पर भी कप्तानी जाने का खतरा मंडराने लगा है। अब वे फ्रेंचाइजियों के रडार पर आ गए हैं। इनमें दिल्ली कैपिटल्स, केकेआर, चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस शामिल हैं। इन टीमों के कप्तान का प्रदर्शन कप्तानी के साथ-साथ बल्लेबाजी और गेंदबाजी औसत से भी कम रही है।
हार्दिक पंड्या
2024 में हार्दिक पंड्या को मुंबई इंडियंस की कप्तानी सौंपी गई थी। 2025 में टीम प्लेऑफ तक पहुंची। लेकिन IPL 2026 में मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। मुंबई इंडियंस ने भी लखनऊ की तरह मात्र 4 मुकाबले में जीत हासिल कर सकी। नेट रन रेट के आधार पर उसे तालिका में लखनऊ से एक पायदान ऊपर स्थान मिला। मुंबई की टीम में रोहित शर्मा, सूर्य कुमार यादव और बुमराह जैसे कई मौजूदा और पूर्व भारतीय कप्तान की मौजूदगी रही है। इसके बावजूद हार्दिक पांड्या की टीम बेहतर परफॉर्मेंस नहीं कर सकी। मुंबई इंडियंस की टीम IPL 2027 में अपना खोया सम्मान वापास पाना चाहेगी। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि हार्दिक पांड्या को टीम से अलविदा कहना पड़ सकता है।
ऋतुराज गायकवाड़
IPLइतिहास में चेन्नई सुपर किंग्स की टीम 5 बार चैंपियन रह चुकी है। इसके बावजूद आज वह अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। ऋतुराज की कप्तानी में लगातार तीसरे साल प्लेऑफ में टीम जगह नहीं बना पाई। कप्तानी के अलावा ऋतुराज का परफॉर्मेंस भी बेहद खराब रहा है। उन्होंने पूरे सीजन में मात्र 337 रन बनाए। उम्मीद की जा री है कि टीम के बेहतर प्रदर्शन को लेकर अब फ्रेंचाइजी कप्तान बदलने पर फैसला ले सकता है।
अजिंक्य रहाणे
आईपीएल में कप्तान के तौर पर अजिंक्य रहाणे का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। आईपीएल 2026 में अजिंक्य रहाणे की टीम 14 मैचों में मात्र 6 मुकाबलों में ही जात हासिल कर 7वें पायदान पर काबिज रही। कप्तानी के साथ रहाणे का बल्ला भी खामोश रहा। उन्होंने 14 मैचों में दो अर्धशतकों के साथ मात्र 335 रन ही बना सकें। उनका बल्लेबाजी औसत मात्र 25.77 रहा। ऐसे में संभावना है कि केकेआर की फ्रेंचाइजी IPL 2027 के लिए नए कप्तान की तलाश कर सकती है।
अक्षर पटेल
दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल की कप्तानी पर भी खतरा मंडरा रहा है। उनकी कप्तानी में टीम को 14 मैचों में मात्र 7 मुकाबलों में जीत मिली। जबकि, 7 मैचों में हार का सामना करना पड़ा। अक्षर पटेल ने 14 मैचों में एक अर्धशतक के साथ मात्र 173 रन बना पाएं। वहीं, 44 ओवरों में 360 रन देकर मात्र एक विकेट हासिल कर सकें। अक्षर पटेल के लिए बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाज के तौर पर भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरना भारी पड़ सकता है। ऐसे में संभावना है कि दिल्ली की फ्रेंचाइजी कप्तान बदलने पर फैसला कर सकती है।