मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दुर्गापुर में आयोजित एक प्रशासनिक बैठक में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पूर्व सीएम ममता बनर्जी पर ऐसे बैठकों में भाजपा विधायकों को नहीं बुलाने का आरोप लगाया।
कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दुर्गापुर में प्रशासनिक बैठक के बाद कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रशासनिक बैठकों में भाजपा के विधायकों नहीं बुलाती थी लेकिन उन्होंने अपनी प्रशासनिक बैठकों में तृणमूल कांग्रेस के विधायकों को बुलाया हालांकि वे उपस्थित नहीं हुए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार इस तरह की बैठकों में तामझाम और इफरात खर्च करती थी। लेकिन उनकी सरकार ऐसा कुछ भी नहीं करेगी। उनकी सरकार बात कम और काम ज्यादा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि वे पंचायत चुनाव के बारे में राज्य चुनाव आयोग से बात करेंगे। उसी को पंचायत चुनाव कराना है।
चार जिलों के अफसरों संग मंथन, टीएमसी विधायकों ने बनाई दूरी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इस प्रशासनिक बैठक में बीरभूम, बांकुड़ा और पूर्व बर्धमान और पश्चिम बर्धमान जिले के भाजपा के 50 विधायक मौजूद हुए। तृणमूल कांग्रेस के सात विधायक हैं। उन्हे बुलाया गया लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। दुर्गापुर प्रशासनिक बैठक में राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी, मंत्री अग्निमित्रा पाल समेत भाजपा के भी विधायक, चारों जिले के तमाम अधिकारी, दुर्गापुर कारपोरेशन समेत दूसरे नगरपालिकाओ के अधिकारी, केंद्र और राज्य के प्रतिष्ठानों को अधिकारी मौजूद हुए। बैठक में निगम और नगर पलिकाओं के क्षेत्रों में विकास के कार्यों मे तेजी लाने जाने पर जोर दिया गया। पंचायतों में जहां समितियां नहीं हैं, वहां पंचायत अधिकारी व बीडीओ की विकास कार्यों क जिम्मेदारी है। वे पंचायत चुनाव के बारे में राज्य चुनाव आयोग से बात करेंगे।
उद्योगों के विकास के लिए बनेगा साझा प्लान
मुख्यमंत्री ने शुभेंद् अधिकारी ने कहा कि दुर्गापुर और अन्य शहरों से औद्योगिक विकास के लिए दो-तीन महीने में कारगर कदम उठा लिए जाएंगे। केंद्र सरकार और राज्य सराकार साझा प्रयास करेगी। उन्होंने कहा डीवीसी के चेयरमैन से बातचीत हुई है। मॉनसून आने वाला है। बारिश के दिनों में तमाम इलाकों में बाढ़ की समस्या होती है।
फलता उपचुनाव में जनता ने खुलकर डाला वोट
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जोरजबरदस्ती, वसूली, कब्जा, कटमनी, सिंडीकेट को नहीं चलने दिया जाएगा। गुंडा राज खत्म हो गया है। लोगों में भरोसा जगा है। उन्होंने दक्षिण चौबीस परगना में फलता विधानसभा मे हुए दोबारा चुनाक का जिक्र किया कि उनके समय मे पहला चुनाव है। 90 प्रतिशत से ज्यादा वोट है। फलता के लोग पिछले 10 साल से वोट नहीं दे पा रहे थे। इस बार उन्होंने उत्सव मनाने की तरह वोट दिया।
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