ग्राम देवकट्टा में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में विधायक हर्षिता स्वामी बघेल और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के पूर्व अध्यक्ष नवाज खान के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया।
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)। राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम देवकट्टा में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम उस समय राजनीतिक रंग में रंग गया, जब डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के पूर्व अध्यक्ष नवाज खान के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार एवं प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डोंगरगढ़ एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

विधायक को आमंत्रण और मंच पर स्थान न मिलने का आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि क्षेत्र की निर्वाचित विधायक हर्षिता स्वामी बघेल को सुशासन तिहार कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। इतना ही नहीं, कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद भी उन्हें मंच पर स्थान नहीं दिया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह जनप्रतिनिधियों का अपमान है। इसी के विरोध में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कार्यक्रम स्थल पहुंचे और गांधीवादी तरीके से धरना प्रदर्शन किया।

योजनाओं के नाम पर जनता को भटकाने का दावा
धरना प्रदर्शन के दौरान विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने मंच से जिला प्रशासन, एसडीएम डोंगरगढ़ और जनपद पंचायत सीईओ पर भी नाराजगी जताई। विधायक ने कहा कि सुशासन तिहार के नाम पर लगाए जा रहे शिविरों में लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महतारी वंदन योजना, आवास योजना समेत कई सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। विधायक ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जनता की समस्याएं दूर नहीं हो रहीं, तो इसे सुशासन कैसे कहा जा सकता है।

प्रदर्शन के बीच दिखी विधायक की संवेदनशीलता
धरना प्रदर्शन समाप्त होने के बाद एक मानवीय तस्वीर भी सामने आई। कार्यक्रम स्थल से लौटते समय विधायक को गेट के पास एक वृद्ध महिला गर्मी से परेशान हालत में बैठी मिली। विधायक उसे अपने साथ स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल तक ले गईं, जहां महिला का प्राथमिक उपचार कराया गया।

प्रशासन के 'दोहरे रवैये' पर नवाज खान का तीखा हमला
वहीं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के पूर्व अध्यक्ष नवाज खान ने कहा कि शासन-प्रशासन एक ओर महिला सम्मान की बात करता है, जबकि दूसरी ओर क्षेत्र की महिला विधायक को कार्यक्रम में न तो आमंत्रित किया गया और न ही मंच पर स्थान दिया गया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता की मांग और सम्मान की रक्षा के लिए कांग्रेस ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया है। सुशासन तिहार के दौरान हुए इस विरोध प्रदर्शन ने जिले की राजनीति को गरमा दिया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों और मांगों पर प्रशासन क्या प्रतिक्रिया देता है।
यह भी पढ़ें: धौलपुर में मनरेगा मस्टरोल के बदले रिश्वत लेते कनिष्ठ सहायक गिरफ्तार