मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनहित की पहल के तहत घोषणा की है कि गंगा एक्सप्रेसवे को वाणिज्यिक संचालन तिथि से 15 दिनों तक टोल-फ्री रखा जाएगा।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनहित की पहल के तहत घोषणा की है कि गंगा एक्सप्रेसवे को वाणिज्यिक संचालन तिथि (Commercial Operation Date - COD) से 15 दिनों तक टोल-फ्री रखा जाएगा, ताकि नागरिक नए खुले एक्सप्रेसवे का बिना किसी शुल्क के अनुभव कर सकें।
13 मई तक बिना टोल सफर संभव
मुख्यमंत्री ने मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) को लेकर एक बड़ा जनहित का फैसला लिया है। सीएम ने ऐलान किया है कि एक्सप्रेसवे के वाणिज्यिक संचालन तिथि (COD) से शुरुआती 15 दिनों तक उसपर गुजरने वाले वाहनों से कोई टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। इस प्रकार आगामी 13 मई 2026 तक गंगा एक्सप्रेस वे पर बगैर टोल आवागमन हो सकेगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उत्तर प्रदेश के इस सबसे लंबे और अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे की गति, गुणवत्ता और सुविधाओं का अनुभव कराना है।
डेवलपर्स को टोल रोकने के निर्देश
सीएम योगी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने परियोजना विकसित करने वाली कंपनियों (आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर और अदाणी इंफ्रास्ट्रक्चर) को टोल कलेक्शन स्थगित रखने का निर्देश दिया है। गंगा एक्सप्रेसवे पर 15 दिनों तक टोल वसूली स्थगित करने का निर्देश दिया है। इस स्थगन अवधि के दौरान किसी भी प्रकार का उपयोगकर्ता शुल्क नहीं लिया जाएगा।
PPP मॉडल पर बना है एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे का विकास सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत ‘डिजाइन, निर्माण, वित्त, परिचालन (डीबीएफओटी-टोल) मॉडल पर विकसित किया गया है। इसके तहत परियोजना तैयार करने वाली कंपनियों को 27 वर्षों तक टोल वसूली का अधिकार दिया गया है। हालांकि, 15 दिन की इस टोल छूट से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई राज्य सरकार अथवा यूपीडा द्वारा समझौता प्रावधानों के अनुसार की जाएगी। यूपीडा ने स्पष्ट किया है कि टोल-फ्री अवधि के दौरान भी परिचालन और रखरखाव से संबंधित सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा।
मेंटेनेंस नियमों का होगा सख्त पालन
UPEIDA ने एक्सप्रेस वे के डेवलपर्स को यह भी निर्देश दिया है कि स्थगन अवधि के दौरान रियायत समझौते के अनुच्छेद 17 तथा अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत निर्धारित सभी संचालन एवं अनुरक्षण (Operations & Maintenance) गतिविधियों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
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