सीमा से सटे जिलों में सघन तलाशी अभियान शुरू, घुसपैठियों को संरक्षण देने वालों पर भी रहेगी नजर
कोलकाता। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खोज-खोज कर एक-एक बांग्लादेशी घुसपैठियों को बीएसएफ के हाथों सौंप देने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है, जैसा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान विभिन्न सभाओं में वादा किया था। सीमा पर कांटेदार बाड़ लगाने की प्रक्रिया के साथ ही अब घुसपैठियों की तलाश पर भी जोर दिया जाने लगा है।
केंद्र के पत्र का हवाला
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पिछले साल 24 मई को राज्य सरकार को पत्र लिखकर कहा गया था कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को बीएसएफ के हवाले कर दिया जाए, लेकिन पिछली राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के इस पत्र को गंभीरता से नहीं लिया। इतना ही नहीं, पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने के बजाय उसका विरोध किया गया था।
अधिकारियों की भूमिका की होगी जांच
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया है कि किन अधिकारियों ने केंद्र सरकार के निर्देशों की अवहेलना की थी और क्यों या किसके कहने पर ऐसा किया गया, इसकी भी खोजखबर ली जाएगी।
सीमावर्ती जिलों में अभियान तेज
सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेश सीमा से सटे जिलों — दक्षिण चौबीस परगना, उत्तर चौबीस परगना, नदिया, मुर्शिदाबाद, मालदा, जलपाईगुड़ी और कूचबिहार — के थानों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालने के लिए अभियान चलाएं। इसके अलावा कोलकाता, हावड़ा और हुगली जिलों में भी घुसपैठियों की सघन तलाश की जाएगी। वहीं, बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण देने वाले स्थानीय लोगों की पहचान करने की भी तैयारी की जा रही है।
सीएए के तहत हिंदू शरणार्थियों को राहत
सूत्रों के मुताबिक सीएए लागू होने के बाद बांग्लादेश से आए हिंदू शरणार्थियों में भारतीय नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया को पूरा करने की रुचि बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि सीएए के तहत हिंदू शरणार्थियों को भारतीय नागरिक बनने में किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
यह भी पढ़े: श्योपुर: आबकारी टीम पर दबंगों का हमला
https://www.primenewsnetwork.in/state/shyopur-liquor-team-attacked-by-goons/206723