दक्षिण चौबीस परगना जिले के तहत फलता विधनसभा क्षेत्र में शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि दस साल बाद यहां के लोगों भयमुक्त होकर वोट दिया।
कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। दक्षिण चौबीस परगना जिले के तहत फलता विधनसभा क्षेत्र में शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि दस साल बाद यहां के लोगों भयमुक्त होकर वोट दिया और 90 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई। लोगों ने उत्सव मानने की तरह वोटिंग की। इस क्षेत्र में 29 अप्रैल को चुनाव हुआ था लेकिन व्यापक धांधली होने की वजह से चुनाव आयोग ने उसे रद्द कर दिया और 21 मई को चुनाव कराना तय किया। वोटों की गिनती 24 मई को होगी।
285 बूथों पर केंद्रीय बल की तैनाती से शांतिपूर्ण हुआ चुनाव
चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए फलता के 285 बूथों पर केंद्रीय बल को नियुक्त किया था। वोटरों ने लंबी-लंबी लाइन लगा कर वोट दिया। महिलाएं वोट देने में आगे थी। पूरे इलाके मे उत्सव का माहौल था। हर वोटर की जुबान पर इलाके का आंतक माना जाने वाला टीएमसी नेता जहांगीर खान के विरोध था। जहांगीर खां ने 19 मई को बतौर युम्मीदवार उस समय चुनाव से हट जाने का ऐलान किया जिस दिन मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी इलाके में रोड शो कर रहे थे।
इलाके में टीएमसी नेता जहांगीर खान को लेकर चर्चा तेज
टीएमसी नेता जहांगीर खान इलाके में कही भी नहीं देखे गए। उन्होंने वोट भी नहीं दिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने समर्थकों से 29 अप्रैल को भाजपा समर्थकों को वोट नहीं देने दिया। जिस भाजपा समर्थक ने वोट दिया उसे मारा पीटा गया। भाजपा समर्थक महिलाओं पर अत्याचार किया गया। जहांगीर खान ने पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट से 26 मई तक के लिए आदेश प्राप्त कर लिया है।
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