इराक के अर्द्धस्वायत्त उत्तरी कुर्द क्षेत्र के राष्ट्रपति नेचिरवान बारजानी के दोहोक स्थित आवास पर शनिवार को ड्रोन हमला हुआ।
तेहरान। इराक के अर्द्धस्वायत्त उत्तरी कुर्द क्षेत्र के राष्ट्रपति नेचिरवान बारजानी के दोहोक स्थित आवास पर शनिवार को ड्रोन हमला हुआ। इसे लेकर अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए हैं। अमेरिका का आरोप है कि ईरान समर्थित मिलिशिया ने यह हमला किया है। उधर, ईरान का जवाबी दावा है कि यह अमेरिका और इजरायल की ओर से हत्या का प्रयास है।
ईरान और अमेरिका ने एक दूसरे पर लगाए आरोप-प्रत्यारोप
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने इराकी कुर्दिस्तान के राष्ट्रपति को लक्ष्य करके किए गए इस हमले की निंदा कड़ी की है। ईरान की सरकारी मीडिया 'प्रेस टीवी' के अनुसार, आईआरजीसी ने इसे 'स्पष्टत: आतंकवादी वारदात' करार दिया है। उसका आरोप है कि यह ड्रोन हमला अमेरिका और इजराएल द्वारा किया गया है। उधर, अमेरिका ने दावा किया कि ईरान समर्थित मिलिशिया ने यह हमला किया। प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, हमले में संपत्ति को नुकसान पहुंचा, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ क्योंकि उस समय आवास खाली था। अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
इराकी प्रधानमंत्री ने घटना की निंदा की, सुरक्षा जांच का ऐलान
इराकी प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने बारजानी को फोन कर इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे जघन्य कृत्य बताया। उन्होंने कहा कि संघीय और कुर्द सरकार की संयुक्त सुरक्षा टीम मामले की जांच करेगी। कुर्द क्षेत्र के उप प्रधानमंत्री कुबाद तालाबानी ने चेतावनी दी कि राज्य के नियंत्रण से बाहर सशस्त्र गुट देश की स्थिरता के लिए बढ़ता खतरा बन रहे हैं।
गौरतलब है कि अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार के प्रधानमंत्री मसरूर बारजानी से फोन पर बात की थी और इराक और कुर्दिस्तान से वैश्विक बाजारों तक तेल पहुंचाने में सहयोग के लिए आभार जताया था।
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