अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में अप्रत्यक्ष बातचीत में 'सकारात्मक प्रगति' हो रही है।
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में अप्रत्यक्ष बातचीत में 'सकारात्मक प्रगति' हो रही है। 'फाइनेंसियल टाइम्स' ने यह रिपोर्ट दी है।
पाकिस्तानी दूतों के जरिए बातचीत, लेकिन समझौते पर सस्पेंस
दोनों पक्षों के बीच चल रही बैकचैनल कूटनीति के बारे में ट्रंप ने कहा कि बातचीत पाकिस्तानी 'दूतों' के ज़रिए चल रही है। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या आने वाले दिनों में होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए कोई सीजफायर समझौता हो सकता है, तो उन्होंने खास जानकारी देने से मना कर दिया।
सैन्य दबाव के बीच 'जल्द समझौते' की उम्मीद
ट्रंप ने लगातार सैन्य दबाव पर जोर देते हुए कहा- 'हमारे पास लगभग 3,000 टारगेट बचे हैं। हमने 13,000 टारगेट पर बमबारी की है और कुछ हज़ार टारगेट अब भी बाकी हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'एक समझौता काफी जल्दी हो सकता है।' अमेरिकी राष्ट्रपति ने पिछले हफ़्ते की अपनी पिछली टिप्पणियों का भी ज़िक्र किया, जिसमें उन्होंने संकेत दिया था कि ईरान ने व्हाइट हाउस को 'तोहफ़े' के तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य से 10 पाकिस्तानी झंडे वाले तेल टैंकरों को गुज़रने की अनुमति दी थी।
तेल टैंकरों को लेकर 'तोहफ़े' की चर्चा
उन्होंने कहा कि ईरान ने यह संख्या दोगुनी कर दी है और इस कदम का श्रेय ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ को दिया। उन्होंने कहा, 'वही हैं जिन्होंने मेरे लिए जहाज़ों को मंज़ूरी दी।' ट्रंप ने आगे कहा, 'याद है, मैंने कहा था कि वे मुझे एक तोहफ़ा दे रहे हैं? और सबने कहा, 'क्या तोहफ़ा? बकवास।' जब उन्होंने इसके बारे में सुना, तो वे चुप हो गए और बातचीत बहुत अच्छी चल रही है।"
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/world/us-report-flags-pakistan-as-hub-of-terror-groups/152994
अमेरिकी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: पाकिस्तान बना आतंकी संगठनों का सुरक्षित ठिकाना