विश्व उइगर कांग्रेस (WUC) और उइगर सेंटर फॉर डेमोक्रेसी ने अपने प्रमुख नेताओं और संगठनों पर हो रहे साइबर हमलों को लेकर नाराजगी जताई है।
म्यूनिख (जर्मनी)। विश्व उइगर कांग्रेस (WUC) और उइगर सेंटर फॉर डेमोक्रेसी ने अपने प्रमुख नेताओं और संगठनों पर हो रहे साइबर हमलों को लेकर नाराजगी जताई है। दोनों मानवाधिकार संगठनों ने हाल में हुए फिशिंग हमलों, फर्जीवाड़ा और मानहानि अभियानों की कड़े शब्दों में निंदा की। संस्थानों ने आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने और उनके काम में बाधा डालने के लिए सुनियोजित तरीके से यह साजिश रची जा रही है।
फर्जी प्रतिनिधियों को लेकर बढ़ी चिंता
वर्ल्ड उइगर कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, हाल के हफ्तों में कई व्यक्तियों ने झूठा दावा किया है कि वे डब्ल्यूयूसी का प्रतिनिधित्व करते हैं या संगठन की ओर से संवाद करते हैं, जिसका स्पष्ट उद्देश्य समर्थकों को गुमराह करना और वकालत के प्रयासों को बाधित करना है।
फर्जी ईमेल और संदिग्ध पहचान पर चेतावनी
विज्ञप्ति में विशेष रूप से बताया गया है कि संगठनों ने साझेदारों और समर्थकों को चेतावनी दी है कि वे "बाय ज़ोल्ला" नाम या BayZolla2963@outlook.com ईमेल पते का उपयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति से संपर्क न करें। आरोप है कि यह व्यक्ति संगठन से कोई आधिकारिक संबंध न होने के बावजूद खुद को विश्व उइगर कांग्रेस कर्मचारी बता रहा है।
आधिकारिक चैनलों से पुष्टि करने की अपील
प्रेस विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि सभी वैध कर्मचारियों के नाम संगठन की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं और संदिग्ध ईमेल या संदेश प्राप्त करने वालों से आग्रह किया गया है कि वे जवाब देने या संवेदनशील जानकारी साझा करने से पहले आधिकारिक संचार चैनलों के माध्यम से उनकी प्रामाणिकता की पुष्टि करें।
उइगर फोरम से पहले बढ़ी गतिविधियां
ये घटनाक्रम आगामी अंतरराष्ट्रीय उइगर फोरम से पहले सामने आए हैं, जिसका आयोजन विश्व उइगर कांग्रेस और उइघुर सेंटर फॉर डेमोक्रेसी एंड ह्यूमन राइट्स द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह फोरम पूर्वी तुर्किस्तान में उइगर और अन्य तुर्क समुदायों के चीनी सरकार द्वारा शुरू किए गए सामूहिक नजरबंदी के दस वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य कथित मानवाधिकार उल्लंघनों पर जवाबदेही और वैश्विक कार्रवाई की दिशा में अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को मजबूत करना है।
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