मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर भारी गिरावट दिखी। इस बीच रुपये की एतिहासिक गिरावट ने शेयर मार्केट का...
मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर भारी गिरावट दिखी। इस बीच रुपये की एतिहासिक गिरावट ने शेयर मार्केट का सेंटीमेंट और बिगाड़ दिया। नतीजा ये हुआ कि सेंसेक्स में करीब सत्रह सौ अंकों की गिरावट देखने को मिली जबकि निफ्टी 22,850 से नीचे फिसलकर बंद हुआ।
सुबह के सत्र में कारोबार की शुरूआत सामान्य रही थी, लेकिन जैसे-जैसे ट्रेडिंग आगे बढ़ी, बिकवाली का दबाव बढ़ता गया और दो दिन से जो तेजी बनी हुई थी, वो पूरी तरह टूट गई और बाजार लाल निशान में डूब गया। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन के अंत में सेंसेक्स 1690.23 अंक टूटकर 2.25 फीसदी की गिरावट के साथ 73,583.22 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 486.85 अंक टूटकर 2.09 फीसदी की गिरावट के साथ 22,819.60 के स्तर पर बंद हुआ।
मुद्रा बाजार में भारतीय रूपये ने आज ऐतिहासिक के अपना "आल टाइम लो" का रिकार्ड बनाया। इस साल बड़ी कमजोरी देखने को मिली है। रुपया आज 94.84 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया और 94.81 पर बंद हुआ। FY26 में रुपया अब तक करीब 10% गिर चुका है और यह FY12 के बाद की सबसे बड़ी सालाना गिरावट की ओर बढ़ रहा है।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.17 प्रतिशत गिरकर 106.8 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। ब्रेंट क्रूड $107-110 प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। इसी प्रकार भारत में MCX पर कच्चा तेल लगभग ₹8,500 - ₹9,000 प्रति बैरल के बीच बना हुआ है।
India VIX करीब 9% उछल गया, जो यह दिखाता है कि बाजार में डर का माहौल बना हुआ है। मार्केट ब्रेड्थ भी बेहद कमजोर रही. NSE में एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो 1:7 रहा, यानी हर 1 शेयर बढ़ा तो 7 गिरे।
इस गिरावट का असर सिर्फ लार्जकैप और ब्लूचिप शेयरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे बाजार में व्यापक बिकवाली देखने को मिली। सबसे ज्यादा दबाव PSU बैंक और रियल्टी सेक्टर पर रहा, जिनमें 3% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, कैपिटल गुड्स और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में भी करीब 2% की गिरावट देखने को मिली।
निफ्टी बैंक 1,434 अंक गिरकर 52,275 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 2.2% की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 1.7% तक टूट गया। मिडकैप इंडेक्स भी करीब 1,233 अंक टूटकर 54,098 पर आ गया। इस पूरे हफ्ते बाजार में कमजोरी बनी रही। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इस हफ्ते करीब 1.2% की गिरावट के साथ बंद हुए। यह संकेत देता है कि बाजार में अभी स्थिरता नहीं आई है और निवेशक अभी भी ग्लोबल घटनाओं को लेकर सतर्क बने हुए हैं।
हफ्ते के आखिरी दिन की गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में करीब 8.89 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन आज घटकर 422.12 लाख करोड़ रुपये पर आ गया, जो इसके पिछले कारोबारी दिन 431.01 लाख करोड़ रुपये रहा था। इस तरह BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज करीब 8.89 लाख करोड़ रुपये घटा है।
बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 1,805.37 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,429.78 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। स्टॉक एक्सचेंज पर कुल 4,501 शेयरों में आज कारोबार हुआ। इसमें से 822 शेयर तेजी के साथ बंद हुए। वहीं 3,542 शेयरों में गिरावट देखी गई। जबकि 137 शेयर बिना किसी उतार-चढ़ाव के सपाट बंद हुए। इसके अलावा 67 शेयरों ने आज कारोबार के दौरान अपना नया 52-वीक हाई छुआ। वहीं 906 शेयरों ने अपने 52-हफ्तों का नया निचला स्तर छुआ।
कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स के 30 में से 27 शेयर आज गिरावट के साथ बंद हुए। रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयरों में सबसे अधिक 4.55 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। वहीं, इंडिगो (Indigo), बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और इटरनल (Eternal) के शेयरों में 0.85 फीसदी से लेकर 1.66 फीसदी तक की गिरावट रही।
मार्केट में भारी गिरावट के बीच भी सेंसेक्स के बाकी 3 शेयर आज हरे निशान में बंद हुए। इसमें भी टीसीएस (TCS) का शेयर 0.49 फीसदी की बढ़त के साथ टॉप गेनर्स रहा, वहीं, भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और पावरग्रिड (Power Grid) के शेयरों में क्रमश: 0.37 फीसदी और 1.10 फीसदी की तेजी रही।
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