भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष विराम के फैसले का स्वागत किया है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इस समझौते से पश्चिम एशिया में स्थायी शांति आएगी।
नई दिल्ली। भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष विराम के फैसले का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में बुधवार को एक बयान जारी किया। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इस समझौते से पश्चिम एशिया में स्थायी शांति आएगी।
कूटनीति और संवाद को बताया सबसे अहम रास्ता
विदेश मंत्रालय ने कहा, "हम अमेरिका-ईरान के बीच हुए इस संघर्ष विराम का स्वागत करते हैं। उम्मीद करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति आएगी। जैसा कि हमने पहले भी लगातार कहा है, चल रहे संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म करने के लिए तनाव कम करना, बातचीत और कूटनीति ज़रूरी हैं। इस संघर्ष से लोगों को पहले ही बहुत ज़्यादा तकलीफ़ हुई है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार नेटवर्क बाधित हुए हैं। हमें उम्मीद है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से बिना किसी रुकावट के जहाज़ों की आवाजाही और वैश्विक व्यापार का प्रवाह जारी रहेगा।"
ट्रंप ने की युद्धविराम घोषणा
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर बमबारी और हमले रोकने की बात कहते हुए दो सप्ताह के लिए दोतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि ईरान का 10 सूत्रीय प्रस्ताव व्यावहारिक है। ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में, ट्रम्प ने कहा कि 10 सूत्रीय प्रस्ताव एक स्थायी समझौते के लिए बातचीत का आधार बनेगा। साथ ही उन्होंने दोहराया कि अमेरिका ने अपने अधिकांश सैन्य उद्देश्यों को प्राप्त कर लिया है।
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