दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन का सात साल से लगातार जारी रहा रिकॉर्ड अक्टूबर में टूट गया है। 2018 के बाद पहली बार अक्टूबर में बिटकॉइन की वैल्यू में गिरावट आई है।
बिटकॉइन में 7 साल में पहली बार मासिक नुकसान
स्पॉट मार्केट में लगातार बिकवाली से बिटकॉइन 1 लाख डॉलर से नीचे फिसला
न्यूयॉर्क / मुंबई।
दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी "बिटकॉइन" का सात साल से लगातार जारी रहा रिकॉर्ड अक्टूबर में टूट गया है। 2018 के बाद पहली बार अक्टूबर में बिटकॉइन की वैल्यू में गिरावट आई है। ग्लोबल क्रिप्टोकरेंसी मार्केट के बेंचमार्क डिजिटल एसेट बिटकॉइन की कीमत में तेज गिरावट दर्ज की गई है।
ट्रेडर्स अक्टूबर को लकी मानते थे, लेकिन इस बार डिजिटल एसेट में करीब 5% गिरावट आई है। स्पॉट मार्केट में लगातार बिकवाली के बीच बिटकॉइन 1 लाख डॉलर मार्क के नीचे भी आ चुका है। रिस्क एसेट्स में बड़े पैमाने पर हो रही बिकवाली की वजह से बिटकॉइन की कीमतों में इस गिरावट को देखा जा रहा है। ज्यादा वैल्यूशन को लेकर बढ़ती चिंताओं ने निवेशकों की भावना को प्रभावित किया है।
बिटकॉइन की कीमतें 99,010.06 डॉलर के इंट्रा-डे लो को छूने के बाद 3.7 प्रतिशत की गिरावट के बाद 101,822 डॉलर पर कारोबार कर रही थी, यह मिड जून के बाद इसका सबसे निचला स्तर है। वहीं एपेरियम की कीमत भी 6.76 प्रतिशत गिरकर 3,331.65 डॉलर पर आ गई है। सोलाना की कीमत 3.16 प्रतिशत की गिरावट के बाद 157.66 डालर और एक्सआरपी की कीमत 3.16 प्रतिशत गिरकर 2.24 डॉलर दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, डॉगकॉइन की कीमत भी 1.47 प्रतिशत की गिरावट के बाद 0.165 डॉलर पर आ गई है। बिटकॉइन की कीमतें इस वर्ष अक्टूबर की शुरुआत में 1,26,186 डॉलर के अपने रिकॉर्ड हाई से 20 प्रतिशत से अधिक गिर चुकी हैं। जिसके साथ बिटकॉइन अब बिया मार्केट टेस्टरी में आ गया है।
फर्म एनालिटिक्स "कॉइनग्लास" द्वारा जारी डाटा के अनुसार, इसकी शुरुआत में 1.27 बिलियन से अधिक की लेवरेज्ड क्रिप्टो पॉजिशन्स लिक्विडेट हो गई हैं। कीमतों में लगातार बढ़ोतरी पर दांव लगा रहे निवेशकों को हुए भारी नुकसान से लिक्विडेशन लॉन्ग-पॉजिशन में दर्ज किए गए हैं। पिछले 24 घंटों में लगभग 2 बिलियन डॉलर के क्रिप्टो पॉजिशन खत्म हो गए हैं, जिससे 4 लाख से ज्यादा ट्रेडर्स को नुकसान हुआ है। रिपोर्ट्स की मानें तो बिटकॉइन फ्यूचर्स में ओपन इंटरेस्ट कम देखा जा रहा है। इसी के साथ ऑप्शंस ट्रेडर्स 80 हजार डॉलर के लेवल को टारगेट करते हुए पुट कॉन्ट्रैक्ट्स के जरिए और अधिक गिरावट पर बेट लगा रहे हैं।
अक्टूबर की शुरुआत में बिटकॉइन की कीमत रिकॉर्ड 1,26,251 डॉलर तक पहुंच गई थी। पर कुछ ही दिनों में गिरकर 1,04,782.88 डॉलर पर आ गई। बाजार की अनिश्चितता और निवेशकों का जोखिम लेने से बचना इसकी बड़ी वजह रही। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जब चीनी आयात पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा की, तो बिटकॉइन में क्रिप्टो के इतिहास का सबसे बड़ा लिक्विडेशन देखने को मिला। हालांकि, अक्टूबर की गिरावट के बावजूद बिटकॉइन इस साल में अब तक 16% से ज्यादा रिटर्न दे चुका है।
क्रिप्टो लिक्विडेशन का मतलब यह है कि जब निवेशक उधार (लीवरेज) लेकर क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग करते हैं और बाजार में अचानक तेज गिरावट आती है, तो उनका पैसा डूबने से बचाने के लिए एक्सचेंज (ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म) उनकी ट्रेडिंग पोजिशन को जबरदस्ती बंद कर देता है। चीन को लेकर ट्रम्प की घोषणा से बाजार में इतनी घबराहट और गिरावट आई है कि लाखों ट्रेडर्स (जो उधार पर ट्रेडिंग कर रहे थे) की पोजिशन अपने आप कट गई। एक ही दिन में अरबों डॉलर का क्रिप्टो (बिटकॉइन और ईथर) अचानक बाजार से बाहर निकल गया, जो क्रिप्टो के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी सामूहिक बिक्री या निकासी थी।
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