भाजपा विधायक सुरेंद्र पटवा के खिलाफ इंदौर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। बैंक लोन और 70 से ज्यादा चेक बाउंस मामलों के बीच कोर्ट ने 16 सितंबर को पेश होने के निर्देश दिए हैं।
मध्यप्रदेश के रायसेन जिले की भोजपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इंदौर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह वारंट न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी द्वारा मंगलवार को जारी किया गया। पटवा पर धारा 420 (धोखाधड़ी), 409 (आपराधिक विश्वासघात) और 120-B (आपराधिक साजिश) जैसी गंभीर धाराओं में वारंट जारी किया गया है। कोर्ट ने CBI की एसीबी भोपाल ब्रांच को आदेश दिया है कि वे 16 सितंबर को पटवा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करें।
सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत, लेकिन कोर्ट में पेश होना अनिवार्य
हालांकि सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के अनुसार, सुरेंद्र पटवा को किसी नई FIR के तहत सीधे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता, लेकिन इस वारंट के चलते उन्हें 16 सितंबर को कोर्ट में पेश होना ही होगा। कोर्ट ने उन्हें जिला अदालत में अपील की स्वतंत्रता भी दी है।
जरूरी बातें -
70 से ज्यादा चेक बाउंस के केस, बैंक लोन डिफॉल्ट का मामला भी जारी
सुरेंद्र पटवा, पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के भतीजे हैं, और उनके खिलाफ 70 से ज्यादा चेक बाउंस के केस अदालत में लंबित हैं।
15 सितंबर 2014 को पटवा की कंपनी ने एक बैंक से 36 करोड़ रुपये का लोन लिया था।
जब किस्तें नहीं चुकाई गईं, तो 2 मई 2017 को यह लोन एनपीए घोषित कर दिया गया।
33 करोड़ 45 लाख रुपये की रिकवरी के लिए नोटिस जारी हुआ था।
इंदौर कलेक्टर कोर्ट ने 7 साल पहले ही पटवा की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दे दिया था।
मामले में DRT (Debt Recovery Tribunal) और उच्च न्यायालय में भी सुनवाई हो चुकी है।
कोर्ट ने साफ कहा था कि गिरवी रखी गई संपत्ति बैंक को तुरंत सौंपी जाए। आदेश में पटवा ऑटोमोटिव प्रा. लि., स्टार सिटी कंस्ट्रक्शन, और जमानतदारों—सुरेंद्र पटवा, मोनिका पटवा, भरत पटवा, महेंद्र पटवा और फूलकुंवर बाई पटवा—का नाम शामिल है।