भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए परीक्षा को लेकर उनके मन में मौजूद डर, तनाव और दबाव पर खुलकर बात की।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए परीक्षा को लेकर उनके मन में मौजूद डर, तनाव और दबाव पर खुलकर बात की। वे शिवाजी नगर स्थित सुभाष एक्सीलेंस स्कूल में आयोजित ‘परीक्षा पर संवाद’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वे मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि एक अभिभावक बनकर विद्यार्थियों के बीच आए हैं। परीक्षा जीवन की अंतिम कसौटी नहीं होती, बल्कि यह सीखने और आगे बढ़ने का एक पड़ाव है। यह कार्यक्रम शनिवार को आयोजित किया गया।
परीक्षा बोझ नहीं, अवसर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा को बोझ नहीं, अवसर के रूप में देखें। असफलता से घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि जीवन में आगे बढ़ने के कई रास्ते होते हैं। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य पर फोकस करने, नियमित पढ़ाई करने और आत्मविश्वास बनाए रखने की सलाह दी।
जिज्ञासा का समाधान भी किया
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सवाल-जवाब भी किए और उनकी जिज्ञासाओं का सहजता से समाधान किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक सभी बच्चों के साथ हैं, इसलिए दबाव में आने की जरूरत नहीं है। सही समय प्रबंधन, सकारात्मक सोच और अनुशासन से किसी भी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है।
एक अपील अभिभावक के नाम
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा केवल अंकों से नहीं, बल्कि उनके कौशल और सोच से भी पहचानी जाती है।
कार्यक्रम को छात्रों ने सराहा
कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। छात्रों ने मुख्यमंत्री के सरल और प्रेरणादायक संबोधन की सराहना की और इसे परीक्षा से पहले मनोबल बढ़ाने वाला बताया।
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