नियमों के उल्लंघन और लोकसभा स्पीकर की ओर कागज़ फेंकने के आरोप में आठ विपक्षी सांसदों को सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।
नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को बजट सत्र के दौरान माहौल तब बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब नियमों के उल्लंघन और लोकसभा स्पीकर की ओर कागज़ फेंकने के आरोप में आठ विपक्षी सांसदों को सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई उस हंगामे के बीच हुई, जब कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी वर्ष 2020 में पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ हुए गतिरोध का विशेष रूप से उल्लेख करने पर अड़े रहे।
लद्दाख-चीन गतिरोध पर बोलने पर अड़े राहुल गांधी
दो बार कार्यवाही स्थगित होने के बाद दोपहर तीन बजे सदन दोबारा शुरू हुआ, जहां राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि वे किसी पत्रिका में छपे लेख या पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के संस्मरणों का हवाला नहीं देंगे, बल्कि कैलाश रेंज में चीनी गतिविधियों और उस पर सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर अपनी बात रखना चाहते हैं।
कागज़ फेंकने का आरोप, रिजिजू का प्रस्ताव पास
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नियमों का उल्लंघन करने और स्पीकर की ओर कागज़ फेंकने के लिए आठ सदस्यों को बजट सत्र के बाकी बचे समय के लिए सस्पेंड करने का प्रस्ताव पेश किया। वहीं, विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच सदन ने प्रस्ताव को मंज़ूर कर लिया। जिन विपक्षी सांसदों को सत्र के बाकी बचे समय के लिए सस्पेंड किया गया है, उनमें कांग्रेस के गुरजीत सिंह औजला, मणिकम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, किरण कुमार रेड्डी, डीन कोरियाकोस, हिबी ईडन, प्रशांत पोडोले और CPIM के एस वेंकटेश शामिल हैं।
निलंबित सांसदों का परिचय
गुरजीत सिंह औजला- ये अमृतसर से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। औजला पंजाब के सीमावर्ती इलाकों की समस्याओं, नशामुक्ति और किसानों के मुद्दों पर संसद में अपनी बात मजबूती से रखने के लिए पहचाने जाते हैं।
मणिकम टैगोर- ये कांग्रेस से सांसद हैं और तमिलनाडु से आते हैं। मणिकम टैगोर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। वे संसद में अपनी आक्रामक शैली और दक्षिण भारत के मुद्दों को मुखरता से उठाने के लिए जाने जाते हैं।
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग- ये लुधियाना से आते हैं और पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। युवा कांग्रेस की पृष्ठभूमि से आए वड़िंग अपनी तेज-तर्रार राजनीति के लिए मशहूर हैं और उन्होंने 2024 में रवनीत बिट्टू को हराकर जीत दर्ज की थी।
किरण कुमार रेड्डी- तेलंगाना के भुवनगिरी से सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के करीबी माने जाते हैं और 2024 के चुनाव में भाजपा और बीआरएस को हराकर संसद पहुंचे हैं।
डीन कोरियाकोस- इडुक्की से सांसद डीन कोरियाकोस युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। ये इडुक्की के किसानों, विशेषकर पश्चिमी घाट और बफर जोन से जुड़े मुद्दों को संसद में जोर-शोर से उठाते हैं।
हिबी ईडन- एर्नाकुलम से जीते हिबी ईडन एनएसयूआई (NSUI) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। वे केरल की युवा राजनीति का प्रमुख चेहरा हैं और संसद में शिक्षा व युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं।
प्रशांत पडोले- नाना पटोले के करीबी प्रशांत पडोले ने 2024 में भाजपा के गढ़ माने जाने वाले विदर्भ क्षेत्र में बड़ी जीत हासिल की। वे क्षेत्र में किसानों और ओबीसी समुदाय के मुद्दों पर सक्रिय हैं।
एस. वेंकटेशन- सीपीआई (एम) सांसद वेंकटेशन एक प्रसिद्ध तमिल लेखक और साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता हैं। वे संसद में तमिलनाडु के अधिकारों, संस्कृति और रेलवे से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले सबसे मुखर सांसदों में से एक हैं।
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