एंडेवर, इकोस्पोर्ट और फिएस्टा जैसे लोकप्रिय कार मॉडलों की निर्माता फोर्ड इंडिया एक बार फिर भारत में इंट्री करने की तैयारी में है।
चेन्नई। एंडेवर, इकोस्पोर्ट और फिएस्टा जैसे लोकप्रिय कार मॉडलों की निर्माता "फोर्ड इंडिया" एक बार फिर भारत में इंट्री करने की तैयारी में है। फोर्ड ने वर्ष 2021 में भारी घाटा के चलते भारत में कारों का उत्पादन और बिक्री बंद कर अपना कारोबार समेट लिया था। तमिलनाडु की एम के स्टालिन सरकार के साथ करार के बाद कंपनी ने चेन्नई प्लांट में फिर से उत्पादन शुरू करने का निर्णय लिया है। इस प्रोजेक्ट पर कंपनी करीब 3,250 करोड़ रुपये का निवेश का अनुमान है।
चेन्नई प्लांट होगा पूरी तरह एक्सपोर्ट-फोकस्ड यूनिट
एक रिपोर्ट के अनुसार फोर्ड अपने चेन्नई स्थित मारामलाई नगर प्लांट को दोबारा शुरू करने जा रही है। आटोमोबाइल न्यूज वेबसाइट "gaadiwaadi" में छपी एक खबर के अनुसार, यह प्लांट जून, 2026 से फिर से प्रोडक्शन में आ सकता है। हालांकि कंपनी इस प्लांट में भारत के लिए कारें नहीं बनायेगी। इस फैक्ट्री का इस्तेमाल पूरी तरह एक्सपोर्ट-फोकस्ड यूनिट के तौर पर किया जाएगा। भविष्य में Everest (जो भारत में Endeavour के नाम से जानी जाती थी) जैसे कुछ मॉडल्स के लिए भी यहीं से सप्लाई होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। चेन्नई प्लांट का इस्तेमाल अब अगली पीढ़ी के इंजन (Next-Gen Engines) बनाने के लिए किया जाएगा, जो खास तौर पर एक्सपोर्ट मार्केट्स के लिए होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भविष्य में Everest SUV (जो भारत में Endeavour के नाम से जानी जाती है) जैसे कुछ मॉडल्स को भी यहीं से एक्सपोर्ट किया जा सकता है।
MoU के बाद प्लांट में अगली पीढ़ी के इंजन का निर्माण शुरू
फोर्ड ने यह फैसला तमिलनाडु सरकार के साथ हुए एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के बाद लिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि फोर्ड ने सितंबर, 2024 में ही इसको लेकर लेटर ऑफ इंटेंट जारी कर दिया था। साल 2021 से बंद पड़ा मारामलाई नगर प्लांट अब एडवांस पावरट्रेन मैन्युफैक्चरिंग के हिसाब से अपग्रेड किया जाएगा। पूरी तरह चालू होने के बाद यहां सालाना करीब 2.35 लाख इंजनों का उत्पादन हो सकेगा।
3,250 करोड़ रुपये निवेश से 600 नए रोजगार होंगे सृजित
इस प्लांट के दोबारा शुरू करने पर करीब 3,250 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश का अनुमान है। इससे लगभग 600 नए रोजगार भी पैदा होंगे, जिससे स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। गौर करने वाली बात यह है कि भारत से गाड़ियों की बिक्री बंद करने के बाद भी फोर्ड पूरी तरह देश से बाहर नहीं गई थी। गुजरात के साणंद प्लांट से वह आज भी पावरट्रेन एक्सपोर्ट कर रही है, जिसे टाटा मोटर्स से लीज पर लिया गया है।
भारत से गाड़ियों की बिक्री बंद होने के बाद भी फोर्ड पूरी तरह नहीं गई
फोर्ड ने 2021 में महिंद्रा के साथ प्रस्तावित जॉइंट वेंचर रद्द करने के बाद भारत से वाहन उत्पादन बंद किया था। जिससे इकोस्पोर्ट, एंडेवर जैसे लोकप्रिय मॉडल बंद हो गए थे। Ford India के सूत्रों के अनुसार, कंपनी अपनी चेन्नई स्थित मरैमलई नगर प्लांट को जून 2026 से दोबारा उत्पादन शुरू करने की तैयारी कर रही है। ये प्लांट 2021 में फोर्ड के भारत से वाहन उत्पादन बंद करने के बाद बंद पड़ा था, जब कंपनी ने लगातार घाटे और बाजार में कम हिस्सेदारी के कारण भारत छोड़ने का फैसला किया था। उस समय फोर्ड ने सानंद प्लांट टाटा मोटर्स को बेच दिया था, लेकिन चेन्नई प्लांट को अपने पास ही रखा है।
चेन्नई प्लांट से प्रीमियम मॉडल्स की संभावित वापसी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चेन्नई प्लांट में दोबारा उत्पादन शुरू होने से फोर्ड भारत में प्रीमियम वाहनों के साथ वापसी कर सकती है। इनमें एंडेवर (एवरेस्ट) और रेंजर पिकअप, जो सीबीयू (कंप्लीटली बिल्ट यूनिट) के रूप में आयात किए जा सकते हैं। ये मॉडल टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसे प्रतिद्वंद्वियों को टक्कर दे सकते हैं।
चेन्नई प्लांट से प्रीमियम मॉडल्स की संभावित वापसी
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि भारत में वाहन असेंबली या डोमेस्टिक सेल्स की कोई योजना नहीं है। एंडेवर (जिसे ग्लोबली एवरेस्ट कहा जाता है) की खबरें पिछले साल भी CBU इंपोर्ट या लोकल असेंबली के रूप में आई थीं, लेकिन अब EV स्ट्रैटेजी, ग्लोबल टैरिफ वॉर और कंपनी की प्राथमिकताओं के कारण ये प्लान होल्ड पर हैं। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि फोर्ड की दुनिया में लोकप्रिय वाहन एंडेवर की वापसी अभी तय नहीं है। कंपनी का फोकस EV डेवलपमेंट व एक्सपोर्ट पर ही रहने की उम्मीद है।
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