नई दिल्ली, 8 दिसंबर (एजेंसी): भारत ने ब्रिटेन सरकार द्वारा प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक चरमपंथी संगठन बब्बर खालसा से जुड़े चरमपंथी नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का स्वागत किया है
नई दिल्ली, 8 दिसंबर (एजेंसी): भारत ने ब्रिटेन सरकार द्वारा प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक चरमपंथी संगठन बब्बर खालसा से जुड़े चरमपंथी नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का स्वागत किया है और इसे आतंकवाद तथा धन के गैर-कानूनी लेन-देन के खिलाफ चल रहे वैश्विक प्रयासों को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम बताया है।
विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में सवालों के जवाब में मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि नई दिल्ली, भारत-विरोधी चरमपंथी गतिविधियों में शामिल लोगों और संस्थाओं को निशाने पर लेने की ब्रिटेन की कार्रवाई की प्रशंसा करता है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे लोग न सिर्फ़ भारत और ब्रिटेन के लिए बल्कि दुनिया भर के लोगों के लिए खतरा हैं।
जायसवाल ने कहा, हम ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत विरोधी चरमपंथी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने के लिए उठाए गए कदमों का स्वागत करते हैं। इनसे आतंकवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मज़बूती मिलने के साथ ही धन के अवैधानिक लेन-देन और बहुदेशीय अपराध संजाल को रोकने में मदद मिलेगी।" उन्होंने कहा, ऐसे लोग न सिर्फ़ भारत और ब्रिटेन के लिए बल्कि दुनिया भर के लोगों के लिए खतरा हैं। हम अपने काउंटर-टेररिज़्म और सुरक्षा सहयोग को और मज़बूत करने के लिए ब्रिटेन के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं।
पिछले हफ़्ते, ब्रिटिश सरकार ने खालिस्तान समर्थक आतंकी समूह बब्बर खालसा के धन एकत्रण तंत्र को रोकने के मकसद से प्रतिबंध लगाए थे। यह पहली बार है जब इन संगठनों के ख़िलाफ़ ऐसे कदम उठाए गए हैं। ब्रिटेन ने भारत में आतंकी गतिविधियों में शामिल संगठनों से जुड़े होने के संदिग्ध गुरप्रीत सिंह रेहल के ख़िलाफ़ सम्पत्तियाँ जब्त करने और कम्पनियों में निदेशक बनने के अयोग्य घोषित करने की कार्रवाई की है। उसी आतंकी समूह को प्रोत्साहन और समर्थन देने के लिए बब्बर अकाली लहर के ख़िलाफ़ भी सम्पत्तियों की जब्ती की घोषणा की गई है।
ब्रिटिश ट्रेजरी डिपार्टमेंट के मुताबिक, रेहल बब्बर खालसा और बब्बर अकाली लहर की आतंकी गतिविधियों में शामिल है, जिसमें उन संगठनों को प्रोत्साहित करना और बढ़ावा देना, उनके लिए भर्ती अभियान चलाना, और उन्हें वित्तीय सेवाएं देने के साथ ही उन संगठनों को समर्थन और हथियार तथा दूसरे सैन्य साजो-सामान की खरीद करना शामिल है। सरकार ने यह भी कहा कि बब्बर अकाली लहर, बब्बर खालसा की आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ी है। बब्बर खालसा एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है।
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