जबलपुर। एक नाबालिग लड़की की शादी हई और वह मां बन गई। इस घटना की जानकारी प्राशासन को लगी। इसपर कलेक्टर के निर्देश पर मामले की जांच शुरू की गई।
जबलपुरः 13 की उम्र में शादी, 15 में गोद में बच्चा
23 साल के युवक से कराई थी शादी
माता-पिता सहित पांच को भेजा जेल
प्राइम न्यूज नेटवर्क
जबलपुर। एक नाबालिग लड़की की शादी हई और वह मां बन गई। इस घटना की जानकारी प्राशासन को लगी। इसपर कलेक्टर के निर्देश पर मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस ने जांच की तो पता लगा कि साल 2023 में मंहेला गांव के 23 साल के युवक की शादी 13 साल की बच्ची से कराने का मामला सामने आया है। इस शादी में माता पिता और परिजन भी शामिल रहे। 15 साल में एक बच्चो को उसने जन्म दिया है। लड़की और उसका बच्चा मेडिकल कालेज में भर्ती है। कटंगी थाना पुलिस ने बाल विवाह कराने के आरोप में बच्ची की माता पिता और पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। मालूम हो कि चार दिन पहले 15 वर्षीय युवती को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। मामला प्रसव से जुड़ा था, इसलिए पुलिस को जानकारी दी गई। मझैीली थाना पुलिस ने जांच की तो पता चला कि 13 वर्षीय युवती का जुलाई 2023 में पास के गांव के राजेश के साथ कटंगी के नाहन देवी मंदिर में माता पिता और रिश्तेदारों की मौजूदगी में कराया गया। मझौली की युवती पत्नी बनकर ससुराल चली गई। प्रसव पीड़ा पर नाना, नानी उसे कटंगी अस्पताल में भर्ती पहुंचे। हालत बिगड़ने पर मेडिकल कालेज भेजा गया, वहीं चार दिन पहले उसने एक बच्चे को जन्म दिया। दोनों की हालत स्थिर है। मेडिकल कालेज ने ही बच्ची के मां बनने की जानकारी मझौली थाने को भेजी थी। वहां जीरो पर मामला दर्ज कर मामले को कटंगी थाना भेजा गया। कटंगी थाना प्रभारी पूजा उपाध्याय ने मामले का खुलाशा किया। पुलिस ने बाल बिबाह के इस मामले में आरोपी पति राजेश, लड़की के पिता महेश कुमार,मां अनीता वंशकार, लड़के के मामा गंगाराम और नानी शांको बाई को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें जोल भेज दिया है।
उधर, महिला बाल विवाह अधिकारी सौरभ सिह ने बताया कि परियोजना अधिकारी से पूछा जा रहा है कि किस स्थिति में यह विवाह हुआ। यदि विभाग की लापवाही पाई गई तो उनपर कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, कलेक्टर राधवेंद्र सिंह ने महिला बाल विकास विभाग से रिपोर्च मांगी है। इसके साथ ही अपील की कि किसी भी कीमत में बाल विवाह को बढ़ावा नहीं दें। इससे मासूम बच्ची की जिंदगी खराब होती है, क्योंकि वह विवाह के लिए तैयार नहीं होती। अक्षय तृतीया के मौके पर बच्चों के विवाह को रोकने के लिए कंट्रोल रूप बनाए गये है। इसमें संबंधित अधिकारी मौजूद रहते हैं। ये बाल विवाह को रुकवाते भी हैं। हाल ही में जिस बच्ची के विवाह की बात सामने आई है, उसकी जांच की जा रही है।
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