राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की एक पीठ ने शनिवार को राज्यों के सभी मुख्य सचिवों को सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली स्लीपर कोच बसों को हटाने का निर्देश जारी किया।
सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली स्लीपर बसें हटाएंः एनएचआरसी
सार्वजनिक परिवहन बसों की डिजाइन में खामी, यात्रियों की जान को खतरे में डाल रही
नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की एक पीठ ने शनिवार को राज्यों के सभी मुख्य सचिवों को सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली स्लीपर कोच बसों को हटाने का निर्देश जारी किया। एनएचआरसी की इस पीठ की अध्यक्षता प्रियांक कानूनगो कर रहे हैं।
एनएचआरसी की इस पीठ के समक्ष एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक परिवहन बसों के डिजाइन की खामी यात्रियों की जान को खतरे में डाल रही है। शिकायतकर्ता की ओर से कहा गया कि खास तौर पर कुछ बसों में ड्राइवर का केबिन यात्री डिब्बे से पूरी तरह अलग होता है, जिससे आपात स्थिति में आग का समय पर पता लगाना और सूचना देना मुश्किल हो जाता है।
शिकायत में हाल की उन घटनाओं का जिक्र किया गया है, जिनमें यात्री बसों में सफर के दौरान आग लग गई और कई लोगों की मौतें हुई थीं। शिकायतकर्ता ने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के मौलिक अधिकार का घोर उल्लंघन है और वाहन निर्माताओं और अनुमोदन देने वाले अधिकारियों की प्रणालीगत लापरवाही को उजागर करता है।
इसे भी पढेंः
'कोई गुटबाजी नहीं', ब्रेकफास्ट मीटिंग के बाद बोले डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार
https://www.primenewsnetwork.in/state/there-is-no-factionalism-says-deputy-cm-dk-shivakumar-after-the-breakfast-meeti/99237