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कांपती बच्ची बोली—जंगल की लकड़ी से चूल्हा

कांपती आवाज में बच्ची ने बताया, जंगल की लकड़ी से जलता है चूल्हा

भोपाल। राजधानी के अरेरा हिल्स स्थित पुराने जेल के ठीक सामने सड़क पर नंगे पाँव एक बच्ची डगमगाते कदमों से सिर पर लकड़ी का गट्ठर उठाए आती दिखी।

कांपती आवाज में बच्ची ने बताया जंगल की लकड़ी से जलता है चूल्हा

Child Labour Indi |

स्कूल के कदम लकड़ी ढोने के लिए मजबूर

राजधानी के अरेरा हिल्स स्थित पुराने जेल के ठीक सामने सड़क पर नंगे पाँव एक बच्ची डगमगाते कदमों से सिर पर लकड़ी का गट्ठर उठाए आती दिखी। उसके पीछे उसका परिवार और मोहल्ले की कुछ महिलाएँ भी सिर पर लकड़ी का गट्ठर उठाए चले आ रहे थे। जिस उम्र में बच्ची को आंगनवाड़ी या स्कूल में होना चाहिए, उस उम्र में उसे लकड़ी उठाते देख उससे हालचाल पूछा। कांपती आवाज़ में बच्ची ने बताया, वह जंगल से लकड़ी लाती है और उसी लकड़ी से घर में चूल्हा जलता है।

पता, झुग्गी बस्ती-वल्लभ भवन (सचिवालय)

तभी उसके परिवार के सदस्य भी पीछे पहुँच गए और सभी अपने घर की ओर बढ़ गए। जब उनसे पता पूछा तो बताया, वल्लभ नगर झुग्गी बस्ती। वल्लभ भवन (सचिवालय) के ठीक सामने रहते हैं। यह सवाल उठता है कि राजधानी में, सचिवालय के ठीक सामने रहने वाली एक छोटी बच्ची को अपने परिवार के साथ जंगल से लकड़ी क्यों लानी पड़ती हैसचिवालय के सामने  वल्लभ नगर के आख़िर में, मंदिर के सामने एक बेहद संकरी गली में एक बच्ची का घर मिला। गली इतनी तंग थी कि दो लोग एक साथ निकल नहीं सकते थे। झोपड़ी के बाहर लकड़ी के गट्ठरों का ढेर लगा हुआ था।

दर्जन भर आदिवासी परिवार, किसी घर में गैस कनेक्शन नहीं

वल्लभ नगर में रहने वाली 6 वर्षीय दीपिका भाभर के पिता सुरेश भाभर ने बताया कि यहाँ 10–15 आदिवासी परिवार रहते हैं और किसी के पास गैस कनेक्शन नहीं है। किसी भी सरकारी योजना का हमें लाभ नहीं मिलता। महिलाएँ और बच्चे 4–5 किलोमीटर दूर जंगल जाकर लकड़ी लाते हैं और उसी से चूल्हा जलाता हैं। सुरेश ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण वे बच्चों को स्कूल भी नहीं भेज पा रहे हैं।

नौवीं पास पढ़ाई छोड़ने मजबूर आदिवासी लड़की-

शिवानी भाभर ने बताया, “हमें चूल्हा जलाने के लिए 4–5 किलोमीटर दूर लकड़ी लेने जाना पड़ता है। पहले मैं स्कूल जाती थी, लेकिन अब पढ़ाई छोड़ दी है। मैंने नौवीं तक पढ़ाई की है। हमारे माता-पिता मजदूरी करते हैं और हम भी मजदूरी करने जाते हैं।” जब शिवानी से पूछा गया कि क्या कभी सरकार की ओर से गैस कनेक्शन देने कोई आया, तो उसने बताया कि अब तक कोई भी पूछताछ करने नहीं आया।

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