जनवरी से टेलीविजन खरीदना मंहगा हो सकता है। मेमरी चिप की बढ़ती लागत और रुपये के कमजोर होने से जनवरी से टेलीविजन की कीमतें तीन से चार प्रतिशत बढ़ सकती हैं।
नई दिल्ली। जनवरी से टेलीविजन खरीदना मंहगा हो सकता है। मेमरी चिप की बढ़ती लागत और रुपये के कमजोर होने से जनवरी से टेलीविजन की कीमतें तीन से चार प्रतिशत बढ़ सकती हैं। कुछ टीवी निर्माताओं ने पहले ही अपने डीलरों को कीमतों में होने वाली वृद्धि के बारे में सूचित कर दिया है।
मेमोरी चिप्स की वैश्विक कमी और रुपये का कमजोर होना मुख्य कारण
उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जनवरी से टीवी की कीमतों में तीन से चार प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसकी मुख्य वजह मेमोरी चिप्स की वैश्विक कमी और डॉलर के मुकाबले रुपये का कमजोर होना है। नए साल की शुरुआत के साथ ही टेलीविजन खरीदना उपभोक्ताओं के लिए महंगा हो सकता है।
एलईडी टीवी में सिर्फ 30 प्रतिशत है घरेलू वैल्यू एडिशन
रुपये में आयी गिरावट ने इंडस्ट्री को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है, क्योंकि एक एलईडी टीवी में घरेलू वैल्यू एडिशन सिर्फ 30 प्रतिशत है और ओपेन सेल, सेमीकंडक्टर चिप और मदरबोर्ड जैसे मुख्य कंपोनेंट आयात किए जाते हैं। टीवी की कीमतों में होने वाली वृद्धि जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने के बाद स्मार्ट टीवी की बिक्री में हुई तेजी को कम कर सकती है। सरकार ने 32 इंच और उससे बड़े आकार की टीवी स्क्रीन पर जीएसटी को 28 से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया था, जिससे कीमत में 4,500 रुपये की कमी आई है 2024 में भारत के टीवी बाजार का कुल मूल्य 10-12 अरब डालर था।
थॉमसन, कोडक और ब्लाउपुंक्ट सहित कई वैश्विक ब्रांडों के लाइसेंस रखने वाली टीवी विनिर्माता कंपनी सुपर प्लास्ट्रोनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (एसपीपीएल) ने कहा, "पिछले तीन महीनों में मेमोरी चिप की कीमतों में 500 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।"
एसपीपीएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अवनीत सिंह मारवाह के अनुसार, मेमोरी चिप संकट और रुपये के अवमूल्यन के प्रभाव के कारण जनवरी से टेलीविजन की कीमतों में सात से 10 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।
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