प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

जबलपुर में 6.17 करोड़ सड़क घोटाला उजागर

जबलपुर में 6.17 करोड़ की सड़क में घोटाला, गलत डामर इस्तेमाल उजागर

जबलपुर। शहर में सड़क निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है।

जबलपुर में 617 करोड़ की सड़क में घोटाला गलत डामर इस्तेमाल उजागर

Government Project |

जबलपुर। शहर में सड़क निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। एक ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा बनाई गई सड़क में भारतीय मानक (IS) कोड की धज्जियां उड़ाई गई हैं। लगभग 6.17 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस सड़क में गलत ग्रेड के बिटुमेन (डामर) का उपयोग किया गया है। अब यह काम जांच के घेरे में है। इससे सड़क की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

यह है पूरा मामला

​लेखापरीक्षा की रिपोर्ट के अनुसार, जबलपुर संभाग के एनडीबी पैकेज-15 के तहत सड़क निर्माण में पॉलीमर मॉडिफाइड बिटुमेन (PMB) का उपयोग किया जाना था। भारतीय मानक IS 15462-2004 के अनुसार, PMB तैयार करने के लिए 30-50 पेनेरेशन ग्रेड के बिटुमेन का इस्तेमाल अनिवार्य है। लेकिन, विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से इस नियम को ताक पर रखकर 60/70 ग्रेड बिटुमेन का उपयोग कर PMB-40 तैयार किया गया।

गलत ग्रेड के पीएमबी का हुआ इस्तेमाल

रिपोर्ट में बताया गया है कि ​लगभग 12,365.78 घन मीटर बिटुमिनस कंक्रीट का कार्य किया गया। इसमें 1,669.38 मीट्रिक टन गलत ग्रेड के PMB का इस्तेमाल हुआ। ​इस पूरे काम की कुल लागत लगभग 6.17 करोड़ रुपये है।

ऊपरी सतह होती है प्रभावित, जीनवकाल होता है कम

​विशेषज्ञों का मानना है कि गलत ग्रेड के बिटुमेन के उपयोग से सड़क की ऊपरी सतह और संरचनात्मक मजबूती (Structural Stability) प्रभावित होती है। भारी यातायात वाले क्षेत्रों में ऐसी सड़कें जल्दी उखड़ने लगती हैं और इनका जीवनकाल बहुत कम हो जाता है। मानकों के उल्लंघन का मतलब है कि जनता के करोड़ों रुपये पानी में बहने की कगार पर हैं।

​ऑडिट विभाग ने दावे को खारिज किया

​हालांकि संबंधित अधिकारियों ने तर्क दिया कि अंतिम उत्पाद (PMB-40) का पेनेरेशन स्तर मानक के भीतर था, लेकिन ऑडिट विभाग ने इस दावे को खारिज कर दिया। ऑडिट के अनुसार, शुरुआती स्तर पर ही 60/70 ग्रेड बिटुमेन का चयन करना मानकों के खिलाफ है, जिससे सड़क के प्रदर्शन में असंगति (Inconsistency) आने का खतरा बना रहता है।

​विभाग में मचा हड़कंप

वर्तमान में इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। देखना यह होगा कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर क्या कार्रवाई की जाती है।

यह भी पढ़े: मप्र में भैंस पालन से किसानों को मुनाफा

https://www.primenewsnetwork.in/state/buffalo-farming-growing-in-mp-higher-profit-for-farmers/157014

Related to this topic: