Piran Kaliyar : शिक्षा नगरी रुड़की से सात किलोमीटर दूर स्थित पिरान कलियर अपनी धार्मिक आस्था, इतिहास और आध्यात्मिक महत्व के लिए जानी जाती है.
Piran Kaliyar : शिक्षा नगरी रुड़की से सात किलोमीटर दूर स्थित पिरान कलियर अपनी धार्मिक आस्था, इतिहास और आध्यात्मिक महत्व के लिए जानी जाती है. यहाँ स्थित साबिर साहब की दरगाह न केवल मुस्लिम समुदाय बल्कि हर धर्म और संप्रदाय के लोगों के लिए आस्था का केंद्र मानी जाती है. दरगाह पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु चादर और फूल चढ़ाकर मन्नतें मांगने पहुँचते हैं, लेकिन इस दरगाह की एक और अनोखी पहचान है.
यहाँ ऐसे लोग भी आते हैं जिन पर भूत-प्रेत या किसी अदृश्य शक्ति का साया होने की बात कही जाती है. पिरान कलियर की यह दरगाह वर्षों से उन लोगों का सहारा बनी हुई है, जिनके परिवार के सदस्य अजीब हरकतें करने लगते हैं या मानसिक और आत्मिक कष्ट से पीड़ित होते हैं. सबसे खास बात यह है कि दरगाह पर आने वालों में महिलाओं की संख्या सबसे अधिक होती है. स्थानीय मान्यता है कि इन महिलाओं की बाक़ायदा हाज़िरी दरगाह परिसर में लगाई जाती है.
भूत-प्रेत या जिन्न का असर
इस दौरान अक्सर ऐसा दृश्य देखने को मिलता है, जब महिलाएँ जोर-जोर से चिल्लाने लगती हैं, झूमने लगती हैं या उनके अंदर से कोई और आवाज़ निकलती है. श्रद्धालुओं का मानना है कि यह सब भूत-प्रेत या जिन्न का असर होता है. लोगों का कहना है कि यहाँ हाज़िरी लगाने के बाद इन महिलाओं पर चढ़ा हुआ साया या तो शांति से दरगाह छोड़ देता है या फिर उन्हें कड़ी यातना देकर निकलता है. यही वजह है कि इस दरगाह को लोग ‘भूतों का डेरा’ भी कहते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि पीढ़ी दर पीढ़ी लोग यहाँ आते रहे हैं और राहत पाते रहे हैं.
आज भी जिन परिवारों के लोग अज्ञात शक्तियों से पीड़ित बताए जाते हैं, वे पिरान कलियर की इस दरगाह में आकर शांति की तलाश करते हैं. यही कारण है कि यह दरगाह न केवल आस्था का केंद्र है बल्कि मुसीबत में फंसे लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण भी बनी हुई है.
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