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आगर मालवा मंदिर परिसर से 7 कछुए बचाए

आगर मालवा के ऐतिहासिक बैजनाथ महादेव मंदिर परिसर में 7 कछुओं को सुरक्षित निकाला

जिले में स्थित सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक बैजनाथ महादेव मंदिर परिसर से जीव दया की एक बड़ी खबर सामने आई है।

 आगर मालवा के ऐतिहासिक बैजनाथ महादेव मंदिर परिसर में 7 कछुओं को सुरक्षित निकाला

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आगर मालवा। जिले में स्थित सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक बैजनाथ महादेव मंदिर परिसर से जीव दया की एक बड़ी खबर सामने आई है। मंदिर परिसर के पीछे स्थित प्राचीन कमल कुंड से वन विभाग की टीम ने एक विशेष अभियान चलाकर 7 कछुओं को सुरक्षित बाहर निकाला है। इन सभी कछुओं को दूषित पानी और बदहाल स्थिति वाले कुंड से निकालकर एक सुरक्षित जलाशय में छोड़ दिया गया है।

रखरखाव के अभाव में हो गया था जलकुंड जर्जर

​बैजनाथ महादेव मंदिर परिसर का यह प्राचीन कमल कुंड पिछले काफी समय से रखरखाव के अभाव में जर्जर स्थिति में था। भीषण गर्मी के कारण कुंड का जलस्तर लगातार घट रहा था और जो पानी बचा था, वह कचरे व गंदगी के कारण अत्यधिक दूषित हो चुका था। पानी में ऑक्सीजन की कमी और बढ़ते प्रदूषण के चलते यहां के कछुओं और अन्य जलजीवों के जीवन पर गंभीर संकट मंडरा रहा था।

​जनसुनवाई में सौंपा शिकायती पत्र

​कुंड की इस बदहाली और जलजीवों की जान को खतरे में देखते हुए स्थानीय नागरिकों, ग्रामीणों और मंदिर के पुजारी ने गहरी चिंता व्यक्त की थी। ग्रामीणों द्वारा इस मामले को लेकर बकायदा जनसुनवाई में कलेक्टर को शिकायती पत्र भी सौंपा गया था, जिसमें कछुओं को किसी बड़े और सुरक्षित जलाशय जैसे मोतीसागर तालाब में स्थानांतरित (शिफ्ट) करने की मांग की गई थी।

​वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई

​मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम मिलिंद ढोके ने वन विभाग को इस संबंध में तुरंत निर्देश जारी किए। आवश्यक कानूनी अनुमति और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, वन विभाग की एक विशेष रेस्क्यू टीम गुरुवार को मौके पर पहुंची। टीम ने मुस्तैदी से काम करते हुए दलदल और गंदे पानी के बीच से सुरक्षित रूप से 7 बड़े कछुओं को बाहर निकाला। रेस्क्यू करने के बाद, इन सभी कछुओं को पास के ही एक स्वच्छ और बड़े प्राकृतिक जलाशय में छोड़ दिया गया, जहाँ अब वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।

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