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गठिया से जूझ रहे करोड़ों लोग

दुनिया भर में गठिया से जूझ रहे 50 करोड़ लोग: दर्द से राहत के लिए समझदारी जरूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के हालिया आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में 50 करोड़ से अधिक लोग आर्थराइटिस (गठिया) से प्रभावित हैं।

दुनिया भर में गठिया से जूझ रहे 50 करोड़ लोग दर्द से राहत के लिए समझदारी जरूरी

Arthritis Affects Millions, Lifestyle Changes Key to Relief |

नई दिल्ली/भोपाल। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के हालिया आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में 50 करोड़ से अधिक लोग आर्थराइटिस (गठिया) से प्रभावित हैं। आर्थराइटिस न केवल जोड़ों में दर्द का कारण बनता है, बल्कि यह स्थिति किसी के लिए सामान्य (Moderate) तो किसी के लिए अत्यंत गंभीर भी हो सकती है।

क्यों होता है आर्थराइटिस

आर्थराइटिस कोई एक बीमारी नहीं है, बल्कि यह जोड़ों में सूजन और दर्द की एक स्थिति है। इसके प्रमुख कारण में जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, जोड़ों के बीच की कार्टिलेज घिसने लगती है, जिससे ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) होता है। रूमेटोइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) में शरीर का इम्यून सिस्टम ही गलती से अपने जोड़ों की कोशिकाओं पर हमला करने लगता है। किसी पुराने फ्रैक्चर या चोट के कारण जोड़ कमजोर हो सकते हैं। शरीर का अतिरिक्त वजन जोड़ों (खासकर घुटनों और कूल्हों) पर दबाव डालता है, जिससे घिसाव जल्दी होता है।

पेनकिलर का अधिक सेवन, किडनी को पहुंचाता है नुकसान

लगातार जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर (Painkillers) का सेवन करते हैं। लंबे समय तक इनका उपयोग बेहद खतरनाक हो सकता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, इनका अधिक सेवन किडनी (गुर्दे) को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है, पेट में अल्सर पैदा कर सकता है और हृदय संबंधी समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है।

बिना दवा के करें जीवनशैली में बदलाव

बिना दवाओं के जीवनशैली में बदलाव और प्राकृतिक उपचार से दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है। हल्दी में 'करक्यूमिन' (Curcumin) होता है, जो शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। इसे गर्म दूध के साथ लेने से सूजन और दर्द कम होता है। अदरक का काढ़ा या चाय जोड़ों की जकड़न को कम करने में सहायक है। दर्द वाले हिस्से पर गर्म सिकाई करने से मांसपेशियों को आराम मिलता है और रक्त संचार बेहतर होता है।

इसके साथ नियमित व्यायाम और योग भी लाभदायक

जोड़ों को लचीला बनाए रखने के लिए हल्के व्यायाम और योग (जैसे सूक्ष्म व्यायाम) बेहद जरूरी हैं। जोड़ों पर अधिक दबाव न डालें। अपने वजन को नियंत्रित रखने से जोड़ों पर पड़ने वाला अनावश्यक तनाव कम हो जाता है। डायबिटीज और बीपी के मरीज ये नुस्खे अपना सकते हैं लेकिन पूरी सावधानी के साथ। हल्दी और अदरक जैसे घरेलू नुस्खे आमतौर पर सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन इनका सेवन सीमित मात्रा में होना चाहिए। कुछ हर्बल सप्लीमेंट्स दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं, इसलिए डॉक्टर की सलाह अनिवार्य है।

हाई बीपी के मरीजों को कम करना चाहिए नमक का सेवन

बीपी (ब्लड प्रेशर) के मरीजों के लिए: उच्च रक्तचाप के मरीजों को नमक का सेवन कम करना चाहिए। यदि जोड़ों के दर्द के लिए कोई भी घरेलू नुस्खा या जड़ी-बूटी ले रहे हैं तो डॉक्टर से जरूर पूछें कि क्या वह आपकी बीपी की दवाओं (विशेषकर खून पतला करने वाली दवाओं) के साथ सुरक्षित है। आर्थराइटिस की समस्या है तो कोई भी उपचार शुरू करने से पहले फिजियोथेरेपिस्ट या डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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