कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सभी उन जगहों में कंद्रीय बलों को तैनात करने की प्रक्रिया पहली मार्च से शुरू कर दी जाएगी जिन इलाकों और मतदान केंद्रों को संवेदनशील माना जा रहा है।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सभी उन जगहों में कंद्रीय बलों को तैनात करने की प्रक्रिया पहली मार्च से शुरू कर दी जाएगी जिन इलाकों और मतदान केंद्रों को संवेदनशील माना जा रहा है। इस बारे में चुनाव आयोग और राज्य सरकार के बीच सहमति बन गई है। राज्य के संवेदनशील जगहों में एक मार्च से केंद्रीय बलो की तैनातगी शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल केंद्रीय बलों को 480 कंपनियां तैनात की जाएगी।
480 कंपनियां होंगी तैनात
मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, राज्य के पुलिस महानिदेशक पीयुष पांडे, कोलकाता पुलिस कमिश्नर सुप्रतीम सरकार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) विनीत गोयल, चुनाव आयोग के विशेष पर्यवेक्षक एन के मिश्र और केंद्रीय बलों के अधिकारियों की बैठक में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य के तमाम संवेदन जगहों और वहां तैनातगी के लिए पुलिस बलों की जरूरतों के बारे में बातचीत हुई। केंद्रीय बलों की 480 कंपनियों में से 240 कंपनी 28 फरवरी को ही पहुंच जाएगी और उसे एक मार्च से तैनात करना शुरू कर दिया जाएगा। 10 मार्च तक केंद्रीय बल की बाकी 240 कंपनी पहुंचने पर उसकी तैनात किया जाएगा।
50% क्षेत्र संवेदनशील घोषित
चुनाव आयोग के अधिकारियों का मानना है कि राज्य के 294 विधानसभा क्षेत्रों में करीब-करीब 50 फीसदी इलाके संवेदनशील हैं। चुनाव आयोग के अधिकारी 28 फरवरी के पहले पुलिस प्रशासन को चिह्नित किए गए संवेदनशील क्षेत्रों की सूची मुहैया करा देंगे। 28 फरवरी को वोटरों की फाइनल लिस्ट जारी होगी। उसके बाद दूसरी लिस्ट जारी होगी। दूसरे लिस्ट में उन वोटरों का नाम होगा जिनकी सुनवाई बची हुई थी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार कलकत्ता हाई कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश के नेतृत्व मे न्यायिक अधिकारी के देखरेख में पूरी की जा रही है।
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