दतिया। दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को जिला सहकारी एवं ग्रामीण विकास बैंक के 11 करोड़ रुपये के...
दतिया। दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को जिला सहकारी एवं ग्रामीण विकास बैंक के 11 करोड़ रुपये के गबन और फर्जीवाड़ा मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। हालांकि, कोर्ट ने भारती को ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए 60 दिनों की मोहलत देते हुए उनकी सजा को फिलहाल निलंबित (Suspending the sentence) कर दिया है और उन्हें जमानत दे दी है।
इधर, विधानसभा की त्वरित कार्रवाई
कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद मध्य प्रदेश विधानसभा में हलचल तेज हो गई। रात के समय ही विधानसभा खोली गई और मात्र 10 घंटों के भीतर राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। चुनाव आयोग को भी इस संबंध में पत्र भेजकर सीट रिक्त घोषित करने की सूचना दी गई है।
कांग्रेस ने किया विरोध, कहा- भाजपा के इशारे पर कार्रवाई
कांग्रेस ने इस जल्दबाजी पर कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा रात 10:30 बजे विधानसभा पहुंचे और प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा से मुलाकात की। कांग्रेस का आरोप है कि जब कोर्ट ने 60 दिन की राहत दी है, तो सदस्यता खत्म करने में इतनी जल्दबाजी क्यों? यह पूरी प्रक्रिया भाजपा के दबाव में और राजनीतिक द्वेष के चलते की जा रही है।
राजेंद्र भारती के पास क्या विकल्प हैं
राजेंद्र भारती के बेटे अनुज के अनुसार, वे दो दिनों के भीतर दिल्ली हाईकोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील दायर करेंगे। कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा इस मामले में पैरवी कर सकते हैं। एफडी फर्जीवाजड़ा मे भारती को तीन साल की सजा हाईकोर्ट में अपील होने तक निलंबित रहेगी
दतिया जिला सहकारी व ग्रामीण विकास बैंक में 11 साल पहले दर्ज एफडी फर्जीवाड़ा में दल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट गुरूवार को कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को तीन 3 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के लिए 1 लाख रूपये का जुर्माना भी लगाया है। भारती के साथ सह आरोपी बैंक के बाबू रघुवीर प्रसाद प्रजापति को भी यही सजा सुनाई गई है। पर फैसला सुनाने के बाद कोर्ट ने भारती को जमानत भी दे दी।
अपील के लिए 60 दिन की मोहलत
कोर्ट ने दोनों दोषियों भारती औऱ प्रजापति को फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने के लिए 60 दिन की मोहलत दी है। इसके साथ अपील तक सजा निलंबित रखने का आदेश भी दिया है। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने पर उन्हें यह सजा काटनी पड़ेगी। अपील तक भारती विधायक बने रह सकते हैं।
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