मध्यप्रदेश के उज्जैन में रविवार को आयोजित राहगीरी आनंदोत्सव शहरवासियों के लिए खास रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन दौरे में कार्यक्रम में शामिल हुए।
उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन में रविवार को आयोजित राहगीरी आनंदोत्सव शहरवासियों के लिए खास रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन दौरे में कार्यक्रम में शामिल हुए और विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर लोगों का उत्साह बढ़ाया। आयोजन के दौरान पारंपरिक संस्कृति, खेल, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों की झलक देखने को मिली।
परंपरा और आधुनिकता का संतुलन ही समाज की पहचान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बैलगाड़ी की सवारी कर आमजन के बीच संदेश दिया कि परंपरा और आधुनिकता का संतुलन ही समाज की पहचान है। इसके बाद मुख्यमंत्री कुश्ती संघ के मंच पर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से गदा लहराकर खिलाड़ियों और युवाओं का उत्साहवर्धन किया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए खास आकर्षण बना।
लोकनृत्य व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
राहगीरी में लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे कलाकारों ने मध्यप्रदेश की लोकसंस्कृति को जीवंत कर दिया। वहीं युवाओं ने बीच सड़क पर गरबा कर माहौल को उत्सवमय बना दिया। दर्शकों ने तालियों और मोबाइल कैमरों के जरिए इन पलों को यादगार बनाया।
सामाजिक समरसता मजबूत होती है
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि राहगीरी जैसे आयोजनों से न सिर्फ लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिलती है, बल्कि सामाजिक समरसता भी मजबूत होती है। उन्होंने आम लोगों के साथ हॉकी खेली, फिटनेस गतिविधियों में हिस्सा लिया और युवाओं से संवाद किया।
ट्रैफिक जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक जागरूकता को लेकर भी संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री ने लोगों को हेलमेट वितरित किए और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुरक्षित यातायात सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने कार्यक्रण को बनाया खास
कुल मिलाकर, उज्जैन का राहगीरी आनंदोत्सव सिर्फ मनोरंजन का मंच नहीं रहा, बल्कि संस्कृति, स्वास्थ्य, खेल और जागरूकता का संगम बनकर सामने आया, जिसमें मुख्यमंत्री की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।
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