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होर्मुज तनाव से महंगाई, नींबू ₹250, पनीर ₹440

होर्मुज जलडमरूमध्य तनाव का असर, देहरादून में महंगाई से आम जनता परेशान — नींबू ₹250/kg, पनीर ₹440/kg तक पहुंचा

पश्चिम एशिया संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधानों से ईंधन महंगा, देहरादून समेत कई शहरों में आवश्यक वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ीं।

होर्मुज जलडमरूमध्य तनाव का असर देहरादून में महंगाई से आम जनता परेशान — नींबू ₹250kg पनीर ₹440kg तक पहुंचा

Consumer Alert |

देहरादून: पश्चिम एशिया में संघर्षों और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधानों के कारण देश में लगातार ईंधन की कीमतों में वृद्धि हो रही है, ऐसे में देहरादून भी उन कई भारतीय शहरों में शामिल हो गया है जहां मुद्रास्फीति के चलते आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल आया है।

ईंधन कीमतों का असर और बढ़ती महंगाई

माल ढुलाई और परिवहन शुल्क में वृद्धि ने आम नागरिक की जेब पर भारी बोझ डाला है, जिसके परिणामस्वरूप शहर में खुदरा कीमतें बढ़ गई हैं। परिणामस्वरूप, देहरादून भर में खाद्य पदार्थों की कीमतें मात्र एक सप्ताह में तेजी से बढ़ी हैं।

दैनिक वस्तुओं की कीमतों में उछाल

पिछले एक सप्ताह में अनाज से लेकर दूध और दही तक की दैनिक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिसमें पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि को मुद्रास्फीति का मुख्य कारण बताया जा रहा है। दैनिक आवश्यक वस्तुओं, फलों और सब्जियों की कीमतों में अचानक हुई इस वृद्धि ने स्थानीय परिवारों के बजट पर काफी दबाव डाला है।

सब्जियों और फलों की कीमतों में बढ़ोतरी

प्याज और टमाटर जैसी आम सब्जियों की कीमतों में 5 से 6 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि सेब और अनार जैसे फलों की कीमतों में भी 50 रुपये प्रति किलो तक का उछाल आया है। नींबू की कीमत राजधानी के बाजारों में लगभग 250 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

डेयरी उत्पाद भी हुए महंगे

स्थानीय डेयरी मालिक विकास गुलाथी ने बताया कि दही की कीमत 100 रुपये से बढ़कर 120 रुपये प्रति किलो और पनीर की कीमत 400 रुपये से बढ़कर 440 रुपये प्रति किलो हो गई है, जिससे आम आदमी के बजट पर भारी असर पड़ रहा है। स्थानीय फल विक्रेताओं ने बताया कि ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण नारियल पानी और कीवी जैसे उत्पादों की कीमतें भी बढ़ी हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।

वैश्विक संघर्ष का प्रभाव

यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट से जुड़ी बताई जा रही है। हालांकि भारत सरकार का कहना है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त ऊर्जा भंडार मौजूद हैं।

एएनआई

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