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अवैध खनन मामले में हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

इंदौर में अवैध खनन पर हाईकोर्ट सख्त, सुप्रीम कोर्ट के आदेश न मानने पर जताई नाराजगी

शहर में लगातार बढ़ रहे अवैध खनन और खानों को काटने के मामलों को लेकर हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने कड़ी नाराजगी जताई है।

इंदौर में अवैध खनन पर हाईकोर्ट सख्त सुप्रीम कोर्ट के आदेश न मानने पर जताई नाराजगी

Indore HC Raps Administration Over Illegal Mining Violations |

इंदौर। शहर में लगातार बढ़ रहे अवैध खनन और खानों को काटने के मामलों को लेकर हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने कड़ी नाराजगी जताई है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी की कि इंदौर में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अब तक पूरी तरह पालन नहीं हो रहा है। यह गंभीर चिंता का विषय है।

आदेश के बाद भी जमीनी स्तर पर ठोस सुधार नहीं

हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा खनन गतिविधियों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, इसके बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई ठोस सुधार नजर नहीं आ रहा। शहर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से खानों की कटाई जारी है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है और स्थानीय लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है।

प्रशासन से सवाल, प्रभावी कार्रवाई में लापरवाही क्यों

कोर्ट ने प्रशासन से सवाल किया कि जब सर्वोच्च न्यायालय के आदेश मौजूद हैं, तो उनके क्रियान्वयन में इतनी लापरवाही क्यों बरती जा रही है। न्यायालय ने यह भी कहा कि केवल कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि मौके पर जाकर सख्त निगरानी और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।

अवैध खनन से जमीन धंसने की घनाएं

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि अवैध खनन के कारण कई स्थानों पर जमीन धंसने की घटनाएं हो चुकी हैं और भविष्य में बड़े हादसों की आशंका बनी हुई है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन करें

हाईकोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिए कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करे और अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने के लिए ठोस कार्ययोजना पेश करे। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए हैं।

प्रशासन पर दबाव बढ़ा

इस सख्त टिप्पणी के बाद अब प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि वह इंदौर में अवैध खनन और खानों की कटाई के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई करे, ताकि पर्यावरण और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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