रायसेन। जिले में उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति और विवाद पैदा हो गया, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ..
रायसेन। जिले में उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति और विवाद पैदा हो गया, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में कुछ युवक ऐतिहासिक रायसेन किले की प्राचीर पर स्थित तोप (जिसे स्थानीय स्तर पर 'सिप्पा' कहा जाता है) को चलाते समय ईरान के समर्थन में नारेबाजी करते नजर आ रहे हैं।
युद्ध में इरान का समर्थन की बात
वीडियो में युवक तोप दागते हुए "अल्लाह-हू-अकबर" के नारे लगा रहे हैं और ईरान-इजरायल युद्ध के संदर्भ में ईरान का साथ देने की बात कह रहे हैं। रमजान के पवित्र महीने में जिला प्रशासन द्वारा सहरी और इफ्तारी के समय का ऐलान करने के लिए इस तोप को चलाने की अस्थायी अनुमति दी जाती है। आरोप है कि युवकों ने इस धार्मिक परंपरा का इस्तेमाल राजनीतिक और भड़काऊ रील बनाने के लिए किया।
ट्रंप का विरोध, पर कड़ी आपत्ति भी
भोपाल और आस-पास के इलाकों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन हुए। उनके पोस्टरों को पैरों से रौंदा गया और उनकी तुलना अपमानजनक शब्दों से की गई। इस वीडियो के वायरल होने के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान सदस्य प्रियांक कानूनगो ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, "पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किले से इस तरह अवैध रूप से तोप चलाकर दहशत फैलाना और रिहायशी बस्ती के ऊपर जनजीवन को खतरे में डालना दंडनीय है।"
मामले की पुलिस कर रही है जांच
रायसेन तहसीलदार भरत मांडरे ने मामले की पुष्टि करते हुए वीडियो कोतवाली पुलिस को सौंप दिया है। हिंदू संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने इन युवकों के खिलाफ अवैध हथियार चलाने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और दहशत फैलाने की धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की है। प्रशासन द्वारा आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) और स्थानीय अफसरों को भी लापरवाही के लिए नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है।
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