कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर विधानसभा सीट भवानीपुर में उनके नामांकन पत्र को रद्द करने की साजिश करने का आरोप लगाया है।
कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर विधानसभा सीट भवानीपुर में उनके नामांकन पत्र को रद्द करने की साजिश करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनके नामांकन पत्र का चार घंट तक स्कूटनी किया गया। उसके पहले दो फर्जी एफिडेविट (हलफनामा) जमा कर नामांकन पत्र को रद्द करने की साजिश की गई। उनके इस आरोप पर चुनाव आयोग ने चुप्पी साध रखी है।
चुनावी सभाओं में किया खुलासा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बर्दमान जिले के दुर्गापुर और पश्चिम मेदिनीपुर की चुनावी सभा में अपने नामांकन पत्र को रद्द करने की साजिश करने का खुलासा किया और कहा कि भाजपा की मंशा थी कि ऐन मौके पर उनका नामांकन पत्र रद्द करवा कर अपने रास्ते की सबसे बड़ी बाधा को हटा दें, लेकिन वह विफल हो गई।
भाजपा पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा उन्हें सबसे बड़ा दुश्मन समझती है। भाजपा चाहे तो उन्हें जेल में बंद कर दे, वे अपार वोट से जीत जाएंगी। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर इतनी दुश्मनी है तो गोली मार दे, तब भी जनता का समर्थन उनके साथ रहेगा।
साधारण वोटरों को लेकर चिंता
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि जब उनके साथ इस तरह की साजिश हो सकती है, तो आम वोटरों के साथ क्या-क्या हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में वैध वोटरों के नाम कटवाए गए हैं।
वोटर लिस्ट पर गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि सबसे ज्यादा महिलाओं, मुस्लिमों, दलितों, पिछड़ों और गरीबों के नाम हटाए गए हैं। भवानीपुर में करीब 60 हजार वोटरों के नाम काटे जाने का आरोप उन्होंने लगाया।
बाहरी लोगों को लाने का आरोप
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि एक तरफ वैध वोटरों के नाम हटाए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर भाजपा शासित राज्यों से लोगों को वोट दिलाने के लिए लाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह बंगाल पर कब्जा करने की साजिश की जा रही है और चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने के बजाय भाजपा को फायदा पहुंचाने में लगा है।
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