राजस्थान के नागौर जिले में पुलिस ने नशे के कारोबारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हिस्ट्रीशीटर कमलदीप मौर्य की करोड़ों की अवैध संपत्ति पर शिकंजा कस दिया।
नागौर (राजस्थान)। राजस्थान के नागौर जिले में चलाए जा रहे 'नशा मुक्त नागौर अभियान' के तहत नागौर पुलिस ने नशे के कारोबारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हिस्ट्रीशीटर कमलदीप मौर्य की करोड़ों की अवैध संपत्ति पर शिकंजा कस दिया। थाना गोटन पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ के तहत कार्रवाई करते हुए बीकानेर शहर में स्थित एक आलीशान मकान और तीन दुकानों को फ्रीज करवाया है।
करीब ₹70 लाख है जब्त संपत्ति की कीमत
पुलिस के अनुसार, फ्रीज की गई संपत्ति की बाजार कीमत करीब ₹70 लाख आंकी गई है। जांच में सामने आया कि गोटन निवासी हिस्ट्रीशीटर कमलदीप मौर्य लंबे समय से अवैध नशीली दवाइयों की तस्करी में सक्रिय था और उसने इसी काली कमाई से बीकानेर शहर में बेनामी संपत्तियां खरीदी थीं। आरोपी ने संपत्तियां अपने माता-पिता के नाम करवा रखी थी ताकि पुलिस और एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके।
आरोपी के पास नहीं था इतनी संपत्ति खरीदने का कोई वैध स्रोत
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नागौर आशाराम चौधरी के निर्देशन और वृत्ताधिकारी मेड़ता सिटी रामकरण सिंह मलिंडा के सुपरविजन में यह पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पुलिस निरीक्षक वेदपाल शिवराण और थाना गोटन की टीम ने आरोपी की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, आयकर विभाग और राजस्व विभाग से रिकॉर्ड जुटाकर विस्तृत जांच की। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वर्ष 2021 से पहले आरोपी के पास इतनी बड़ी संपत्ति खरीदने का कोई वैध स्रोत नहीं था।
बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की बरामदगी, तस्करी नेटवर्क चलाने का दावा
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कमलदीप मौर्य के खिलाफ अजमेर जिले के रामगंज और अलवर गेट थानों सहित कई जगह एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हैं। आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में कुल 56 लाख 24 हजार 260 नशीली गोलियां, इंजेक्शन और बोतलें बरामद की जा चुकी हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी अवैध मेडिकेंट नशे की सप्लाई का बड़ा तस्कर है और लंबे समय से नेटवर्क संचालित कर रहा था।
अवैध कमाई से खरीदी गई संपत्ति किया फ्रीज
कमलदीप मौर्य के खिलाफ वर्ष 2021 में रामगंज अजमेर और अलवर गेट अजमेर थानों में धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हुए थे। इन्हीं मामलों के बाद उसने तस्करी की कमाई से बीकानेर में मकान और दुकानें खरीदकर अपने माता-पिता के नाम करवा दी थीं। पुलिस ने आयकर विभाग और अन्य रिकॉर्ड की जांच के बाद संपत्ति को अवैध कमाई से खरीदी गई मानते हुए सक्षम प्राधिकारी दिल्ली से फ्रीजिंग आदेश प्राप्त किया, जिसे बाद में कंफर्म भी कर दिया गया।
हिस्ट्रीशीटर कमलदीप मौर्य पर पहले से दर्ज हैं 6 मामले
हिस्ट्रीशीटर कमलदीप मौर्य के खिलाफ पूर्व में कुल छह मामले दर्ज हैं, जिनमें चार मामले एनडीपीएस एक्ट से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा आरोपी के खिलाफ हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में भी प्रकरण दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि नशा बेचकर समाज को खोखला करने वाले अपराधियों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई में थाना गोटन के थानाधिकारी सुरेश चौधरी, सहायक उपनिरीक्षक शोभाराम, कांस्टेबल मुकेश भींचर, ओमप्रकाश, तेजाराम, चौथाराम और खाजू मोहम्मद की अहम भूमिका रही।
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