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वर्षों से बंद पड़ा नयानगर उप स्वास्थ्य केंद्र

वर्षों से बंद पड़ा नयानगर उप स्वास्थ्य केंद्र, लाखों की दवाइयां हुईं खराब

समस्तीपुर जिले के हसनपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र नयानगर वर्षों से बंद पड़ा हुआ है। इसमें रखे लाखों रुपए की दवाइयां भी बर्बाद हो रही है।

वर्षों से बंद पड़ा नयानगर उप स्वास्थ्य केंद्र लाखों की दवाइयां हुईं खराब

Nayanagar Health Centre Lies Shut, Medicines Wasted |

समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर जिले के हसनपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र नयानगर वर्षों से बंद पड़ा हुआ है। इसमें रखे लाखों रुपए की दवाइयां भी बर्बाद हो रही है, ग्रामीणों का आरोप है कि यहां प्रतिनियुक्त एएनएम एवं सीएचओ कभी केंद्र देखने तक नहीं आते हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।

लाखों की दवाइयां हो चुकी हैं एक्सापयर

ग्रामीणों ने बताया कि हालात इतने बदतर हैं कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर भी स्वास्थ्य केंद्र में झंडोत्तोलन नहीं किया जाता। लोगों का कहना है कि केंद्र में रखी लाखों रुपये मूल्य की दवाइयां एक्सपायर हो चुकी हैं, लेकिन इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।

मरीज दूर-दराज के अस्पतालों में जाने को मजबूर

स्थानीय लोगों के अनुसार, स्वास्थ्य केंद्र के बंद रहने से मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ समय के लिए ही या केंद्र पूरी तरह से सुचारू रूप से संचालित हुआ था, लेकिन अब वह सिर्फ शोभा का वस्तु बना हुआ है।

केंद्र पर अनुपस्थित रहती हैं एएनएम

मामले को लेकर जब हसनपुर स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ. अरविंद कुमार से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि केंद्र पर एएनएम गायत्री कुमारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि एएनएम कभी केंद्र पर उपस्थित नहीं होती हैं।

दो साल तक ही ठीक से चला उप स्वास्थ्य केंद्र

इस उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए जमीन देने वाले विनय कुमार ने बताया कि 2008 में उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण के लिए जमीन दिए थे, उसके बाद अब तक लगभग 2 साल तक ही ठीक से इस उप स्वास्थ्य केंद्र का संचालन हुआ था। अब विभाग भी सुस्त पड़ा हुआ है, जबकि उक्त केंद्र में विभिन्न प्रकार की दवाइयां एवं मशीन भी बेकार हो रही है। वहीं इस समस्या को देखते हुए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर उप स्वास्थ्य केंद्र को नियमित रूप से संचालित कराने की मांग की है।

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