भोपाल। शहर में पहुंचे दिग्गज अभिनेता और रंगकर्मी राकेश बेदी ने कला और रंगमंच के प्रति अपने गहरे...
भोपाल। शहर में पहुंचे दिग्गज अभिनेता और रंगकर्मी राकेश बेदी ने कला और रंगमंच के प्रति अपने गहरे जुड़ाव को साझा किया। भोपाल के 'इंडिमून्स आर्ट्स फेस्टिवल' (IndieMoons Arts Festival) में शिरकत करने आए बेदी ने थिएटर की चुनौतियों और अपने दशकों लंबे अभिनय सफर पर खुलकर बात की।
दिया मूलमंत्र...निरंतरता ही सफलता की कुंजी
राकेश बेदी ने युवा कलाकारों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि थिएटर की दुनिया में अपनी पहचान बनानी है और नाम कमाना है तो लगातार काम करते रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने अनुशासन और रियाज पर जोर दिया।
'मसाज' की प्रस्तुति, 24 किरदारों को किया जीवंत
राकेश बेदी यहाँ अपने प्रसिद्ध एकल नाटक ‘मसाज’ के मंचन के लिए आए। नाटक में वे अकेले 24 अलग-अलग किरदारों को जीवंत करते हैं। विजय तेंदुलकर द्वारा लिखित और हरबंश सिंह द्वारा निर्देशित यह नाटक मुंबई की भागदौड़ और सपनों की एक मर्मस्पर्शी और हास्यपूर्ण कहानी है।
प्रस्तुती को सुखद संयोग बताया, रंगमंच अहम
विश्व रंगमंच दिवस के दिन ही मंच पर अपनी प्रस्तुति देने को उन्होंने एक 'सुखद संयोग' बताया। उन्होंने कहा कि एक कलाकार के लिए इससे बेहतर और कुछ नहीं हो सकता कि वह रंगमंच के उत्सव वाले दिन ही दर्शकों के बीच अपनी कला पेश करे।
थिएटर से अटूट रिश्ता, कलाकार को जीवंत रखता है
उन्होंने साझा किया कि फिल्मों और टीवी में व्यस्त रहने के बावजूद पिछले 48 वर्षों में ऐसा कोई महीना नहीं बीता जब उन्होंने मंच पर परफॉर्म न किया हो। उनके अनुसार, थिएटर ही एक अभिनेता को जीवित और ऊर्जावान रखता है। यह प्रस्तुति भोपाल के रवींद्र भवन (हंसध्वनि सभागार) में आयोजित की जा रही है, जहाँ शहर के कला प्रेमी बड़ी संख्या में इस दिग्गज कलाकार को देखने पहुंचे।
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