जिले में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के भव्य मंदिर का निर्माण तेजी से हो रहा है। 101 करोड़ रु. से बन रहा यह मंदिर खास इसलिए है क्योंकि इसके निर्माण में लोहे और स्टील का उपयोग नहीं किया गया है।
सागर। जिले में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के भव्य मंदिर का निर्माण तेजी से हो रहा है। 101 करोड़ रु. से बन रहा यह मंदिर खास इसलिए है क्योंकि इसके निर्माण में लोहे और स्टील का उपयोग नहीं किया गया है। मंदिर पूरी तरह से विशेष किस्म के पत्थरों से तैयार किया जा रहा है। इसे 5 हजार साल तक टिकाऊ माना जा रहा है।
भव्य वास्तुकला का नमुना, नागरा शैली में
मंदिर निर्माण को लेकर हाल ही में ड्रोन वीडियो भी सामने आया है, जिसमें इसकी भव्यता और वास्तुकला साफ दिखती है। यह मंदिर नागरा शैली में बनाया जा रहा है और इसमें राजस्थान के वंशी पहाड़पुर से लाए गए उच्च गुणवत्ता वाले पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है।
मंदिर का निर्माण कार्य 90 फीसदी पूरा
तत्कलीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंदिर को लेकर पहले ही घोषणा की थी कि यह प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल होगा। मंदिर का निर्माण कार्य अब लगभग 90 फीसदी पूरा हो गया है। इसके प्रधानमंत्री द्वारा भूमिपूजन/लोकार्पण की संभावना है।
विशाल सभामंडप, परिक्रमा पथ, उद्यान भी
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशाल सभामंडप, परिक्रमा पथ, उद्यान, पार्किंग और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। संत रविदास के जीवन, दर्शन और सामाजिक समरसता के संदेश को दर्शाने वाली प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। सरकार का कहना है कि मंदिर के पूर्ण होने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। यह मंदिर सामाजिक समानता और समरसता का प्रतीक बनेगा।
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