जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व के सुदूर और दुर्गम जंगलों में, जहाँ आज भी बिजली पहुंच पाना संभव नहीं है, वहाँ रिजर्व प्रबंधन ने एक अनोखी और सराहनीय पहल की है।
मंडला। जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व के सुदूर और दुर्गम जंगलों में, जहाँ आज भी बिजली पहुंच पाना संभव नहीं है, वहाँ रिजर्व प्रबंधन ने एक अनोखी और सराहनीय पहल की है। अब जंगल के भीतर बने कैंपों में सोलर लाइट की रोशनी जगमगा रही है, तो वहीं भीषण गर्मी में वन्य जीवों के लिए पानी की समस्या भी सोलर पंप के जरिए दूर की जा रही है।
वन कर्मियों को राहत, वन्य जीवों को जीवनदायिनी व्यवस्था
कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने जंगल के अंदर स्थापित वन चौकियों और कैंपों में सोलर लाइट लगाई है, जिससे वन कर्मियों को रात के समय ड्यूटी में बड़ी राहत मिल रही है।सिर्फ रोशनी ही नहीं, बल्कि सोलर पंप के माध्यम से कृत्रिम जल स्रोतों में सीधे पानी भरा जा रहा है। पहले जहाँ पानी की कमी के चलते टैंकरों से पानी लाना पड़ता था, अब वही काम सोलर ऊर्जा से संचालित पंप कर रहे हैं। भीषण गर्मी के दिनों में यह व्यवस्था वन्य जीवों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। जल स्रोतों में नियमित पानी उपलब्ध होने से जंगली जानवरों को भटकना नहीं पड़ रहा, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका भी कम हुई है।
संरक्षण और सुरक्षा की दिशा में मजबूत कदम
साथ ही, जंगल में तैनात वन कर्मियों की सुरक्षा और संचार व्यवस्था में भी सुधार आया है। सोलर लाइट से अंधेरे में काम करना आसान हुआ है और जंगली जानवरों का खतरा भी काफी हद तक घटा है। कान्हा टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि आने वाले समय में जंगल में सेवा दे रहे अन्य वन कर्मियों के लिए भी आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि संरक्षण कार्य और अधिक प्रभावी हो सके। कान्हा टाइगर रिजर्व की यह पहल न केवल वन कर्मियों के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि वन्य जीव संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित हो रही है। सौर ऊर्जा के जरिए जंगल में विकास और संरक्षण का यह मॉडल अब अन्य अभयारण्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
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