घरों और इमारतों में लकड़ी को नुकसान पहुंचाने वाले कीट के रूप में देखे जाने वाले दीमक (Termites), वास्तव में प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) और जंगलों के लिए एक वरदान हैं।
भोपाल। घरों और इमारतों में लकड़ी को नुकसान पहुंचाने वाले कीट के रूप में देखे जाने वाले दीमक (Termites), वास्तव में प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) और जंगलों के लिए एक वरदान हैं। मध्य प्रदेश के जंगलों से सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, जंगल की जीवन प्रणाली को सुचारू रूप से चलाने में दीमकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण पाई गई है।
मिट्टी को उपजाऊ और पोषक तत्वों से भरपूर बनाते हैं
वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, दीमक जंगल के सबसे बेहतरीन रीसाइक्लर (Recyclers) हैं। वे सूखी पत्तियों, मृत पेड़ों और लकड़ियों को खाकर उन्हें नष्ट करते हैं और कार्बनिक पदार्थों को मिट्टी में मिला देते हैं। इस प्रक्रिया से मिट्टी को नाइट्रोजन, फास्फोरस और अन्य आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं, जो नई वनस्पतियों और पौधों को तेजी से बढ़ने और फलने-फूलने में मदद करते हैं।
जंगल की जीवन प्रणाली का अभिन्न अंग
जंगल की खाद्य श्रृंखला (Food Chain) और जीवन प्रणाली में दीमक एक मजबूत कड़ी हैं। दीमक द्वारा बनाए गए बड़े-बड़े टीले (Termite Mounds) न केवल मिट्टी की हवा सोखने की क्षमता (Aeration) को बढ़ाते हैं, बल्कि बारिश के पानी को जमीन के अंदर तक ले जाने में भी मदद करते हैं, जिससे जलस्तर सुधरता है। इसके अलावा, दीमक कई पक्षियों, सरीसृपों (Reptiles) और छोटे जीवों के लिए भोजन का मुख्य स्रोत भी हैं।
पारिस्थितिकी को हरा-भरा ऱखने में अहम
इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि जिस दीमक को हम आमतौर पर एक हानिकारक कीट समझते हैं, वह असल में जंगलों को जीवंत और हरा-भरा रखने के लिए एक अनिवार्य स्तंभ है। उनके बिना जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र की कल्पना करना भी मुश्किल है।
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